हरियाणा में पटवारियों की 3 दिवसीय हड़ताल से राजस्व व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इसी के चलते तीसरे दिन मंगलवार को उचाना में पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर पटवार खानों पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। इस हड़ताल के कारण तहसील और राजस्व कार्यालयों में कामकाज ठप रहा, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस हड़ताल से जींद सहित पूरे हरियाणा में रजिस्ट्रियों का काम रुक हुआ है। नागरिक प्रमाण पत्र, इंतकाल, फर्द सत्यापन, आय व जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। पटवारियों ने दी चेतावनी पटवारियों की हड़ताल का मुख्य कारण 6 पटवारियों का निलंबन बताया गया है। पटवारियों का आरोप है कि तकनीकी खामियों के नाम पर निचले स्तर के कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि पोर्टल और प्रक्रिया में चूक के लिए जिम्मेदार सीनियर अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर निलंबित पटवारियों को बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। लोगों को हो रही भारी परेशानी स्थानीय नागरिकों के अनुसार, हड़ताल के चलते कई खरीद-फरोख्त की डील अटक गई हैं और बैंक लोन की फाइलें रुकी हुई हैं। किसानों और मजदूरों को समय पर आवश्यक दस्तावेज नहीं मिल पा रहे हैं। आय और जाति प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण छात्रवृत्ति, प्रवेश और सरकारी योजनाओं में भी देरी हो रही है। आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में प्रतिदिन हजारों राजस्व आवेदनों का निपटान होता है। ऐसे में कुछ दिनों की हड़ताल भी लाखों फाइलों का बैकलॉग बना देती है। इस स्थिति के बावजूद, सरकार की ओर से संवाद और समाधान के बजाय सख्ती का रास्ता अपनाने का आरोप है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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