शाहजहांपुर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों ने बीती रात खिरनीबाग से कचहरी तक मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान किसानों ने स्वास्थ्य विभाग में कथित घोटाले पर कार्रवाई और आवारा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की। यह विरोध प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, आवारा पशुओं की समस्या और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ आयोजित किया गया था। भाकियू परिवर्तनवादी के नेताओं के नेतृत्व में देर रात तमाम पदाधिकारी खिरनीबाग में एकत्र हुए और फिर कचहरी परिसर तक मार्च किया, जहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो 14 तारीख को जिला प्रशासन का घेराव किया जाएगा। किसानों ने आरोप लगाया कि भू-माफिया गरीबों की जमीनों पर अवैध कब्जा कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने राजकीय मेडिकल कालेज की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई। किसानों के अनुसार, जिला अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज बन गया है, जिससे गरीब मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और दवाएं भी बाहर से लिखवाई जा रही हैं। आवारा पशुओं की समस्या से किसान अत्यधिक परेशान हैं। ये पशु किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं, जिससे उन्हें सर्द रातों में खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। आवारा पशुओं के हमलों से किसान घायल हो रहे हैं और सड़कों पर इनसे होने वाले हादसों में लोगों की जान जा रही है। किसानों का कहना है कि इस समस्या के समाधान के नाम पर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, एक करोड़ 20 लाख रुपये के कथित स्वास्थ्य विभाग घोटाले में अब तक कोई कार्रवाई न होने पर भी किसानों ने सवाल उठाए। उन्होने कहा कि उस घोटाले में जांच हुई। फिर भी कोई कार्रवाई नही की जा रही है।
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