लुधियाना के जसिया इलाके के राजौरी गार्डन में 1 फरवरी को 10-15 युवकों द्वारा बेरहमी से पीटे गए डिलीवरी बॉय शिवम की आज मौत हो गई। लुधियाना के DMC अस्पताल में वेंटिलेटर पर शिवम ने रविवार को अंतिम सांस ली। आज पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन इस मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का पुलिस पर बड़ा आरोप शिवम के पिता लकमिंदर जो पेशे से प्लंबर हैं उन्होंने पुलिस पर ढीली कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना को 7 दिन बीत चुके हैं लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
मेरा बेटा मेहनत करके घर चला रहा था। उसे सरेआम मार दिया गया और पुलिस अब भी सिर्फ छापेमारी का दावा कर रही है। जब तक मुख्य आरोपी नहीं पकड़े जाते हमें इंसाफ नहीं मिलेगा। धाराएं बढ़ाने की मांग: शिवम की मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस से मांग की है कि मामले में दर्ज FIR में धारा 302 (हत्या) को जोड़ा जाए। परिवार का कहना है कि यह केवल हमला नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। चौकी जगतपुरी पुलिस का कहना है कि वे मामले की गंभीरता को समझते हैं। पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है और जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मौत के बाद अब केस में कानूनी धाराओं में बदलाव की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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