सरगुजा जिले के गेरसा स्थित धान उपार्जन केन्द्र में 60 लाख रुपए का धान गायब मिला है। समिति में गड़बड़ी की शिकायत पर राजस्व, मंडी और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने खरीदी केंद्र में धान का भौतिक सत्यापन किया। तब 1933 क्विंटल धान गायब मिलने पर खरीदी केंद्र प्रभारी, कंप्यूटर आपरेटर सहित तीन के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। मामला सीतापुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, खाद्य, सहकारिता, विपणन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने 7 फरवरी 2026 को धान उपार्जन केन्द्र गेरसा में धान स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार केन्द्र में 1,37,571 बोरी धान दर्ज थी, जबकि मौके पर मात्र 1,32,737 बोरी धान ही उपलब्ध मिली। 4834 बोरी कम मिला धान, दर्ज हुई FIR भौतिक सत्यापन में कुल 4834 बोरी (1933.6 क्विंटल) धान कम पाया गया। खरीदी केंद्र से गायब धान की कीमत 60 लाख रुपए है। इसके साथ ही वारदाने भी गायब मिले हैं। सहायक खाद्य अधिकारी सीतापुर सरस्वती राजवाडे ने सीतापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पूर्व धान खरीदी प्रभारी सुमित गुप्ता, वर्तमान धान खरीदी प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर देवचरण सिंह और फड़ प्रभारी दीपक आप्टे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(3) एवं 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। सीतापुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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