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भास्कर न्यूज | जालंधर शहर में चल रहा सरफेस वाटर प्रोजेक्ट अब लोगों की सुविधा के बजाय मुसीबत का सबब बन गया है। प्रोजेक्ट के पाइप डालने के लिए खोदी गई सड़कों को लंबे समय तक दुरुस्त नहीं किया गया, जिससे उड़ती धूल ने शहर की हवा को ज़हरीला बना दिया है। हालत यह है कि जालंधर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 152 तक पहुंच गया है, जो अस्वस्थ श्रेणी में आता है। सबसे डरावनी स्थिति धूल के बारीक कणों (पीएम-10 और पीएम-2.5) की है, जो सामान्य से तीन गुना ज्यादा होकर लोगों को बीमार बना रहे हैं। हवा में घुली धूल का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। सिविल अस्पताल की ओपीडी के आंकड़े चिंताजनक हैं। सिविल अस्पताल की मेडिसन की ओपीडी में रोज 20 से 25 मरीज सांस फूलने, अस्थमा और फेफड़ों में संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जबकि आम दिनों में यह आंकड़ा 15 से 20 मरीजों का रहता था। डाक्टरों का कहना है कि हवा में धूल के कण अधिक होने से न केवल पुराने मरीजों की तकलीफ बढ़ी है, बल्कि स्वस्थ लोग भी एलर्जी और सूखी खांसी का शिकार हो रहे हैं। सीनियर फिजिशियन डा. तरसेम लाल ने कहा कि मेडिसन की ओपीडी में रोज 20 से 25 मरीज सांस वाली तकलीफ के पहुंच रहे हैं, जो सामान्य दिन में कम होते हैं। मानकों से कोसों दूर जालंधर की आबो-हवा प्रदूषण मापने के पैमाने बताते हैं कि शहर की हवा सांस लेने लायक नहीं बची है। नियमानुसार, पीएम-10 (धूल के कण) और पीएम-2.5 (सूक्ष्म कण) का स्तर 50 तक होना सेहत के लिए बेहतर माना जाता है, लेकिन शहर के कई हिस्सों में स्थिति इसके उलट बनी है इधर… अभी मौसम ड्राई रहेगा, 17 से मौसम बदलने के आसार जालंधर| फिलहाल मौसम 15 फरवरी तक ड्राई रहेगा। सुबह-शाम ठंडक रहेगी। दोपहर को तीखी धूप रहेगी। गर्म हवाओं के साथ धूल-मिट्टी के अंश अधिक बहते हैं। जालंधर का वीरवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री व रात का 9 डिग्री रहा। आगामी बदलाव संभव है। मौसम केंद्र के अनुसार दो नए पश्चिमी विक्षोभ 13 और 16 फरवरी को हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं । इसके प्रभाव से 17 फरवरी को राज्य में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। फिलहाल अगले 7 दिनों के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है । न्यूनतम तापमान में अगले 3 दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। लेकिन उसके बाद इसमें 2-3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है।
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