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बेगूसराय में 5 साल में नहीं बन सका बर्न वार्ड: रिफाइनरी ने पहले किस्त में दिए थे 77 लाख, गिरिराज सिंह ने जताई नाराजगी, DM से मांगी रिपोर्ट – Begusarai News

बेगूसराय में 5 साल में नहीं बन सका बर्न वार्ड:  रिफाइनरी ने पहले किस्त में दिए थे 77 लाख, गिरिराज सिंह ने जताई नाराजगी, DM से मांगी रिपोर्ट – Begusarai News


बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में प्रस्तावित हाई-टेक बर्न वार्ड परियोजना में देरी हो रही है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह के कार्यालय ने इस मामले में जिला प्रशासन से जानकारी मांगी है। मंत्री के आप्त सचिव दिवाकर दुबे ने

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2021 में हुआ करार, जारी हुए 77 लाख

स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के प्रयास से 19 मार्च 2021 को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बरौनी रिफाइनरी (IOCL) और बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस प्रोजेक्ट की लागत 387.61 लाख निर्धारित की गई थी।

आश्चर्य की बात यह है कि काम शुरू करने के लिए 77 लाख की अग्रिम राशि काफी पहले ही BMSICL को दी जा चुकी है। इसके बावजूद धरातल पर काम की रफ्तार शून्य है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि फंड जारी होने के बाद भी परियोजना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी है, जिसे लेकर केंद्रीय मंत्री ने गहरा क्षोभ व्यक्त किया है।

जानिए क्यों जरूरी है यह बर्न वार्ड…

वर्तमान में बेगूसराय के किसी भी सरकारी अस्पताल में जलने वाले मरीजों (Burn Patients) के लिए स्तरीय उपचार की सुविधा नहीं है। आगजनी, गैस सिलेंडर फटने या औद्योगिक हादसों में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को सदर अस्पताल में भर्ती किया जाता है। लेकिन गंभीर मरीजों को PMCH पटना रेफर करना पड़ता है या निजी अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

यह फोटो 19 मार्च 2021 का है, जब पटना में स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में रिफाइनरी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था।

यह बर्न वार्ड न केवल जिला मुख्यालय, बल्कि बेगूसराय के सभी अनुमंडलों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा। मंत्री कार्यालय की ओर से जारी पत्र में डीएम को पांच प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। प्रोजेक्ट की अब तक की वास्तविक प्रगति की रिपोर्ट मांगी गई है। पूछा गया है कि देरी प्रशासनिक, तकनीकी, वित्तीय या संविदात्मक कारणों से हुई है।

तय किया जाए जिम्मेदारी

स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संबंधित विभाग या कार्यकारी एजेंसी के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय किया जाए कि काम कहां रुका हुआ है। एक डेडलाइन तय की जाए कि बर्न वार्ड परियोजना कब तक बनकर तैयार होगा। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग, IOCL और कार्यकारी एजेंसी के साथ उच्च स्तरीय मीटिंग कर बाधाओं को दूर किया जाए।

एक समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर परियोजना को फिर गति प्रदान की जाए। कहा गया है कि यह केवल एक भवन निर्माण की परियोजना नहीं है, बल्कि बेगूसराय की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्योंकि आपात स्थितियों में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए रेफर करना पड़ता है। ऐसे में यह परियोजना जन-स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण एवं जीवनरक्षक है।

जल्द धरातल पर उतारने के लिए तत्काल पहल की अपेक्षा

कहा गया है कि यह परियोजना केवल एक अवसंरचना निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस पर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई कर मंत्री कार्यालय को अवगत कराने का अनुरोध किया गया है। जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए तत्काल पहल की अपेक्षा की गई है।

बता दें कि इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी ने अपने कॉरपोरेट पर्यावरण दायित्व के तहत बेगूसराय सदर अस्पताल में सभी उपकरणों से लैस छह बेड के बर्न वार्ड बनाने की घोषणा किया था। 19 मार्च 2021 को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत और बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक सह रिफाइनरी प्रमुख शुक्ला मिस्त्री की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया और 18 महीने में तैयार होना था।



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