हरियाणा के हिसार एयरपोर्ट के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को हिसार एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) के तहत विमान संचालन की DGCA से मंज़ूरी मिल गई है। इसके साथ ही अब हिसार एयरपोर्ट से न सिर्फ दिन बल्कि रात के समय और खराब मौसम में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सकेगा।
अब तक हिसार एयरपोर्ट पर केवल विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) के तहत दिन में ही विमान उड़ान भर सकते थे। लेकिन नई मंज़ूरी के बाद एयरपोर्ट की ऑपरेशनल क्षमता में बड़ा इज़ाफा हुआ है। विजिबिलिटी की सीमा घटी
IFR संचालन की मंज़ूरी के साथ ही एयरपोर्ट पर दृश्यता की न्यूनतम सीमा 5000 मीटर से घटाकर लगभग 1200 मीटर कर दी गई है। इससे कम दृश्यता की स्थिति में भी विमान सुरक्षित तरीके से लैंड और टेक-ऑफ कर सकेंगे।
इस बदलाव से उड़ानों के डायवर्जन और रद्द होने की घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही हिसार एयरपोर्ट अब दिल्ली के IGI एयरपोर्ट और जयपुर जैसे बड़े एयरपोर्ट्स से डायवर्ट की गई उड़ानों को संभालने में भी सक्षम हो जाएगा। DGCA निरीक्षण के बाद मिली हरी झंडी
DGCA की टीम ने 6 और 7 नवंबर 2025 को हिसार एयरपोर्ट का विस्तृत निरीक्षण किया था, जिसमें कई तकनीकी और सुरक्षा संबंधी बिंदु सामने आए थे। इसके बाद AAI ने हरियाणा सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग के साथ समन्वय कर सभी आपत्तियों का समाधान किया और DGCA को अनुपालन रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के मूल्यांकन के बाद 24 फरवरी 2026 को DGCA ने IFR संचालन की आधिकारिक मंज़ूरी दे दी। 24×7 ऑपरेशन की ओर बड़ा कदम
IFR मंज़ूरी को हिसार एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे के विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे: उड़ानों की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी। एयरपोर्ट पर 24×7 संचालन का रास्ता खुलेगा। हरियाणा की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। राज्य में भविष्य के एविएशन प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी। हिसार एयरपोर्ट की यह उपलब्धि हरियाणा को विमानन के नक्शे पर और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
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