22 फरवरी 2026 ‘रात के करीब 8 बज रहे होंगे। मैं ओरियन मॉल से कुछ काम निपटाकर दोस्त के साथ कैंपस लौट रही थी। जैसे ही मॉल से निकली, मैंने महसूस किया कि बाइक से 3 लोग मेरा पीछा कर रहे हैं। शुरुआत में मैंने इग्नोर किया, लेकिन अचानक बाइक मेरे बगल में आ गई।
.
‘उन लड़कों ने डेढ़ किलोमीटर तक मेरा पीछा किया। मैं आर्मी कैंप के पास कॉलेज के गेट नंबर 2 के पास पहुंचीं, तो उनमें से एक लड़का मेरे पास आया। उसने मुझे गलत तरीके से छुआ और अपने कपड़े उतारने लगा। मैं बहुत डर गई थी, मैंने मदद के लिए गुहार लगाई। तभी कैंपस के लोग वहां पहुंच गए। लोगों की भीड़ देखकर लड़के वहां से भाग निकले।’
ये गोरखपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की एक रेजिडेंट डॉक्टर की आपबीती है, जो नगालैंड की रहने वाली हैं। घटना के अगले दिन 23 फरवरी को एम्स पुलिस स्टेशन में विक्टिम ने शिकायत दर्ज करवाई। इसके 24 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ करने वाले तीनों आरोपी जेल में हैं। इसमें सूरज गुप्ता और अमृत विश्वकर्मा देवरिया के उमानगर के रहने वाले हैं, जबकि आदित्य राजपूत गोरखुपर का ही है।
दैनिक भास्कर की टीम ने महिला डॉक्टर से कॉन्टैक्ट किया और गोरखपुर पुलिस से पूरा घटनाक्रम सिलसिलेवार जाना। इस घटना के अलावा हमने नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं पर देश भर में हुए नस्लवादी टिप्पणी के मामलों की भी लिस्टिंग की है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
विक्टिम के साथी डॉक्टर बोले- लड़के नीचता की हद तक गिर गए इस घटना के बाद हमने विक्टिम डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की। हमें बताया गया कि वे घटना के बाद से बहुत परेशान हैं और किसी से बात नहीं करना चाहती। पीड़िता की सुरक्षा और देखभाल से लेकर उसकी कानूनी लड़ाई फिलहाल नेशनल फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (NAFORD) संगठन लड़ रहा हैं।
हमें विक्टिम का पक्ष जानने के लिए संगठन के अध्यक्ष डॉ. देवेश दुबे का फोन नंबर दिया गया। डॉ. देवेश कहते हैं, ‘घटना के बाद विक्टिम ने हॉस्टल पहुंचकर सबसे पहले NAFORD के ग्रुप पर मैसेज किया। वो बहुत डरी हुई थी, उसने बताया कि कैसे 3 लड़कों ने उसे रास्ते में परेशान किया।‘
‘वो लड़के नीचता की उस हद तक गिर गए कि उन्होंने डॉक्टर पर न सिर्फ गंदे कमेंट किए, बल्कि उसके शरीर के पिछले हिस्से पर हाथ मारा। फिर उनमें से एक ने विक्टिम के सामने अपनी टी-शर्ट उतार दी। उन लड़कों की ये हरकत देखकर विक्टिम डरी नहीं, बल्कि बहादुरी से उनका सामना किया।’

गोरखपुर के एम्स थाने में विक्टिम डॉक्टर की ओर से दर्ज कराई गई FIR।
NAFORD के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उस रात तीनों लड़कों ने उसका डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया। इस दौरान नस्लवादी कमेंट पास करते हुए उसके साथ अभद्रता की, उसे गलत तरीके से छुआ। यहां तक कि कपड़े उतारकर उसे प्राइवेट पार्ट दिखाने की कोशिश की। ये देख विक्टिम ने मदद के लिए आवाज लगाई, जिसके बाद लड़के वहां से भाग गए।
विक्टिम गोरखपुर AIIMS में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में थर्ड ईयर की रेजिडेंट डॉक्टर हैं। दैनिक भास्कर को विक्टिम डॉक्टर का वो मैसेज मिला है, जिसे उसने घटना के बाद NAFORD के ग्रुप में शेयर किया था। आइए जानते हैं कि पीड़िता ने मैसेज में क्या लिखा।

‘क्या मैं तीनों लड़कों को थप्पड़ मार सकती हूं’ गोरखपुर एम्स अस्पताल के डॉक्टर अमित राय NAFORD से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने हमें विक्टिम डॉक्टर की कंडीशन के बारे में बताया, जब वे एम्स पुलिस स्टेशन में बयान दर्ज करवाने गई थीं।
डॉ. अमित कहते हैं, ‘घटना के बाद विक्टिम डॉक्टर ने एम्स के सीनियर डॉक्टरों को आपबीती बताई। अगले दिन हम सभी उसे लेकर थाने गए। उसकी शिकायत, CCTV फुटेज और बयानों के आधार पर तीनों आरोपी लड़के गिरफ्तार कर लिए गए।‘
‘22 फरवरी की रात हुई घटना ने विक्टिम को गहरा सदमा पहुंचाया। वो पुलिस स्टेशन में इतना गुस्सा गई थी कि उसने पुलिस अधिकारी से कहा कि क्या मैं तीनों लड़कों को थप्पड़ मार सकती हूं। उसकी बात सुनकर पुलिस ने भरोसा दिया कि आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।‘
घटना से आहत डॉक्टर ने कहा-
‘ये बहुत दुखद है कि 2026 में भी महिलाओं को हर दिन ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं को खुलेआम उत्पीड़न और हमले का सामना करना पड़ता है। हम सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं। हम बिना किसी डर के चलने की आजादी के हकदार हैं।‘

कौन हैं तीनों आरोपी गोरखपुर के SP सिटी अभिनव त्यागी के मुताबिक, 23 फरवरी को हमें महिला डॉक्टर की शिकायत मिली। विक्टिम के बयानों के आधार पर एम्स पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 74, 296 ए, 352 और 351 C के तहत FIR दर्ज की गई है।
SP अभिनव कहते हैं, ‘शिकायत दर्ज होने के बाद हमने आरोपियों को पकड़ने के लिए 4 पुलिस टीमें बनाईं। CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की गई और 24 घंटे के अंदर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सूरज गुप्ता, आदित्य राजपूत और अमृत विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 21 से 24 साल के बीच है। घटना में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली गई है।’
गोरखपुर पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पता चला है कि सूरज और अमृत पड़ोसी हैं। सूरज फलों की दुकान चलाता है, जबकि अमृत देवरिया में ही एक जनरल मर्चेंडाइज स्टोर पर काम करता है। तीसरा आरोपी आदित्य BA सेकेंड ईयर का छात्र है।
मेघालय CM बोले- नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं के साथ भेदभाव भुला दिया जाता है इस घटना पर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, ‘नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव और सेक्शुअल हैरेसमेंट को सिर्फ सुर्खियां बनाकर भूल नहीं जाना चाहिए। एम्स गोरखपुर में नगालैंड की एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुआ नस्लीय और सेक्शुअल उत्पीड़न बेहद शर्मनाक है।’
‘किसी सभ्य देश में महिला के सम्मान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। ये भी आपकी बहनें और बेटियां हैं। मैं अधिकारियों से अपील करता हूं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।’

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने नॉर्थ ईस्टकी महिलाओं के साथ हुए नस्लीय भेदभाव और सेक्शुअल हैरेसमेंट की घटना को लेकर एतराज जताया।
ये छेड़छाड़ नहीं, नस्लीय और यौन उत्पीड़न का मामला: NAFORD इस मामले पर NAFORD सहित कई मेडिकल संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठनों ने इस घटना के बाद महिला डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। संगठन ने इस घटना को गंभीर नस्लीय और यौन उत्पीड़न का मामला बताया है।
पोस्ट में कहा गया कि नॉर्थ ईस्ट से होने के कारण डॉक्टर को रूढ़िवादी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें गहरा सदमा और अपमान महसूस हुआ है।
घटना में पुलिस के तुरंत एक्शन लेने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी पर NAFORD के अध्यक्ष डॉ. देवेश दुबे कहते हैं, ‘विक्टिम डॉक्टर का मैसेज मिलते ही हमारे संगठन ने इसकी सूचना गोरखपुर पुलिस को दी। इसके कुछ घंटों में ही 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरा आरोपी भी 24 घंटे के अंदर पकड़ा गया। इस मामले पर सख्त एक्शन लेने के लिए हम CM योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर पुलिस को धन्यवाद देते हैं।‘

NAFORD की ओर से सुरक्षा की मांग को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ये लेटर लिखा गया है।
दिल्ली में ‘मोमो बेचने वाली’ और ‘मसाज पार्लर वाली’ बोला गया गोरखपुर एम्स की डॉक्टर से जुड़ी घटना के एक दिन पहले दिल्ली के मालवीय नगर में भी नॉर्थ ईस्ट की 3 महिलाओं पर नस्लवादी टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया था। इसमें उन्हें ‘मोमो बेचने वाली’ और ‘500 में मसाज पार्लर में धंधा करने वाली’ जैसे कमेंट किए गए। इस केस में भी FIR दर्ज हुई है।
मामला मालवीय नगर का है, जहां अरुणाचल प्रदेश की 3 महिलाएं चौथी मंजिल पर एक फ्लैट में रह रही थी। इनमें से एक UPSC की तैयारी कर रही थी। उन्होंने अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए मैकेनिक बुलाया था। ड्रिलिंग के दौरान धूल और मलबा नीचे की मंजिल पर गिर गया, जिससे नीचे रहने वाले पड़ोसी हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन नाराज हो गए।
शुरुआत में ये विवाद फ्लैट पर मलबे को लेकर शुरू हुआ, लेकिन बाद में विवाद बढ़ते-बढ़ते नस्लीय और आपत्तिजनक हो गया। घटना के बाद बिल्डिंग के ब्रोकर ने महिलाओं से कहा कि उन्हें 2 महीने में फ्लैट खाली करना होगा। इससे पीड़ित महिलाओं में उनकी सुरक्षा लेकर डर बढ़ गया।
मेघालय के CM कोनराड के संगमा ने इस घटना की भी निंदा की थी। उन्होंने X पर इस घटना को लेकर लिखा कि नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए।

………………. ये खबर भी पढ़ें…
जैश की महिला जिहादी ब्रिगेड, भारत के लिए नया खतरा

जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर 2025 को पहली बार आतंकियों की महिला विंग जमात-उल-मोमिनात का ऐलान किया था। इसके ठीक 31 दिन बाद 10 नवंबर, 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में ब्लास्ट हुआ। 15 लोग मारे गए। NIA ने ब्लास्ट को जैश-ए-मोहम्मद के ‘वॉइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा बताया। पढ़िए पूरी खबर…
