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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराने छात्र दशकों पुरानी विवि की यादें आज ताजा करेंगे। सीनेट हाउस परिसर इन स्मृतियों के साथ-साथ आधुनिक सृजन का भी गवाह बनेगा। दृश्य कला विभाग की ओर से ‘फैमिलियर फेसेस फिएस्टा’ के विशेष अवसर पर कला मेला का आयोजन किया गया है। विभाग की रिसर्च स्कॉलर रश्मि विश्वकर्मा ने बताया कि यह मेला छात्रों को अपनी कला प्रदर्शित करने और उद्यमिता की भावना जगाने का अनूठा प्रयास है। मेले का मुख्य केंद्र ‘छात्रों कोर्ट’ है, जहां छात्रों द्वारा संचालित फूड कोर्ट में रचनात्मकता का अनोखा प्रदर्शन हो रहा है। स्टॉल्स के दिलचस्प नाम जैसे ‘चटोरी-कटोरी’ (कटोरी चाट), ‘काली छोले’ आदि दिए गए हैं। मेहमानों को तंदूरी चाय, कुल्हड़ पिज्जा, अप्पे, गाजर का हलवा, कढ़ी चावल, छोले-समोसे जैसे व्यंजन मिलेंगे। खास बात यह है कि छात्रों ने पुराने कार्डबोर्ड और वेस्ट मटेरियल से स्टॉल्स सजाए हैं।निराला आर्ट गैलरी में वर्तमान और पूर्व छात्रों की पेंटिंग्स प्रदर्शित होंगी, जिनकी शुरुआती कीमत 300 रुपये से शुरू है। कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 10:30 बजे उद्घाटन सत्र और हिमांशू बाजपेयी की दास्तानगोई से होगी। शाम 6 बजे बरगद लॉन में सांस्कृतिक संध्या सजेगी, जिसमें पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर, वसीम बरेवली और पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी जैसे ख्यात कवियों का कवि सम्मेलन मुख्य आकर्षण होगा।
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