हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू का कैथल के ही प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हरियाणा के कैथल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू के बर्खास्त होने की खबर है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। DSP गुरविंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी।
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23 फरवरी को सुनील संधू ने फेसबुक पोस्ट कर कलायत DSP ललित यादव पर नशे के झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। संधू की इस पोस्ट के बाद SP उपासना सिंह ने गुहला DSP कुलदीप बेनीवाल को जांच सौंपी थी।
इस विवाद के बाद 2 दिन पहले ही सुनील संधू समेत नशा मुक्ति टीम के 9 सदस्यों को लाइन हाजिर किया गया था। जिला पुलिस मुख्यालय की तरफ से कहा गया कि इन पुलिसकर्मियों ने अनुशासन और नियमों का पालन नहीं किया।
सुनील संधू इस विवाद के बाद से बीमार चल रहे हैं। वह कैथल में ही एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं।
सुनील संधू की पोस्ट, जिसके बाद विवाद हुआ
जानिए सुनील संधू ने पोस्ट में क्या लिखा था…
प्रशासन के कहने पर अभियान चलाया
हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू ने सोमवार रात 11:13 बजे फेसबुक पर एक पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लिखा- “मैंने प्रशासन के कहने पर नशे के खिलाफ अभियान चलाया था। अब मुझे बहुत परेशान किया जा रहा है, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं सच का साथ दूं या झूठ का? मुझे धमकियां मिल रही हैं। मेरा साथ कौन देगा?
DSP ललित यादव ने फंसाने की धमकी दी
संधू ने आगे लिखा- मेरा भी परिवार है। मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं। और आज तो हद हो गई, कलायत DSP विकास ललित यादव ने मुझे झूठे केस में, स्मैक बेचने के केस में फंसाने की धमकी दी। एक उच्च अधिकारी के सामने, दोस्तों, क्या करूं? क्या न करूं, समझ से परे है। परिवार इजाजत नहीं दे रहा अगर मैं झूठ बोलूं। मैं भगत सिंह का वंशज हूं, मेरा जमीर मर जाएगा। झूठ बोलूं तो मेरा नार्को टेस्ट करवा लो।
मैंने कभी जीवन में रिश्वत नहीं ली
उन्होंने कहा कि मैंने कभी जीवन में कोई रिश्वत नहीं ली, न कभी किसी इंसान या मुलाजिम का बुरा चाहा। मेरे नौकरी के काल में या सार्वजनिक जीवन में कभी किसी से चाय तक पी हो तो सामने आओ, मुझे सजा दो। क्या करूं? क्या न करूं? समझ में नहीं आ रहा। काफी दिनों से चैन की नींद नहीं सो पाया। रात को चिट्टा बेचने वाले दिखते हैं, युवाओं की नसों में जहर घोलने वाले दिखते हैं। उनका नाश हो। अगर जीवन में कभी किसी का दिल दुखाया हो तो मुझे माफ करना।

कैथल में ही रहते हैं सुनील संधू
सुनील संधू अपने परिवार के साथ कैथल में ही रहते हैं। घर में उनकी पत्नी, 2 बच्चे और मां हैं। उनके पिता का निधन हो चुका है। वह कॉन्स्टेबल के तौर पर हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। इसके बाद वह हेड कॉन्स्टेबल प्रमोट हुए। वह मानवता विश्वास नाम के एक NGO से जुड़े हुए हैं। जिसके तहत वह गरीब लड़कियों की शादी करवाते हैं। इसके अलावा, बीमार लोगों के इलाज का खर्च भी उठाते हैं।
