होली के मौके पर राजधानी लखनऊ के बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। खासतौर पर आलमबाग बस अड्डा से प्रतिदिन लगभग 1000 बसें प्रदेश के अलग-अलग जनपदों के लिए रवाना की जा रही हैं। त्योहार को देखते हुए परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू कर दिया है, जिससे यात्रियों को राहत मिल रही है। यात्रियों को तुरंत मिल रही बसें सुल्तानपुर निवासी प्रदीप ने बाताया की हम लखनऊ में काम करते हैं, ने बताया कि होली पर घर जाने के लिए बसें आसानी से मिल रही हैं। प्रशासन द्वारा लगातार बसों का संचालन किया जा रहा है, जिससे ज्यादा भीड़ का सामना नहीं करना पड़ रहा है और इंतजार भी कम करना पड़ रहा है। भीड़ वाले रूटों पर बढ़ाए गए फेरे आलमबाग बस अड्डे के एआरएम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि होली के चलते यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसे देखते हुए अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं और जिन रूटों पर ज्यादा भीड़ है, वहां बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। साथ ही कंडक्टर और स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। 28 फरवरी से 9 मार्च तक विशेष संचालन योजना लागू प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने होली पर्व को देखते हुए 28 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक अतिरिक्त बसों के संचालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि त्योहार से पहले और बाद तक यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है, इसलिए बसों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पश्चिमी और पूर्वी रूटों पर विशेष फोकस मंत्री ने गाजियाबाद, दिल्ली और पश्चिमी क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए इन रूटों पर बसों और कर्मचारियों की तैनाती बढ़ाने को कहा है। साथ ही पूर्वी क्षेत्रों में भी 60 प्रतिशत यात्री लोड मिलने पर अतिरिक्त सेवाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट और तकनीकी जांच अनिवार्य पर्व अवधि में चालकों और परिचालकों का ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट कराने, बसों की तकनीकी जांच सुनिश्चित करने और फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीटों, खिड़कियों और अन्य कल-पुर्जों की स्थिति दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया है। 3600 से 4500 रुपये तक मिलेगा अतिरिक्त मानदेय निर्धारित औसत 300 किलोमीटर प्रतिदिन संचालन करने वाले चालक-परिचालकों को 360 रुपये प्रतिदिन की दर से 3600 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई कर्मचारी 10 दिन की पूरी अवधि में मानक पूरा करता है तो 450 रुपये प्रतिदिन की दर से 4500 रुपये तक का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा कार्यशाला कर्मियों को 9 से 10 दिन की ड्यूटी पर 1800 से 2100 रुपये तक एकमुश्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और डिपो को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
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