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खरड़ में 25 गोलियां मारकर कत्ल, कातिल कोई नहीं: मोहाली कोर्ट ने सभी 12 आरोपी बरी किए, इनमें हरियाणा के 2 कुख्यात गैंगस्टर भी – Mohali News

खरड़ में 25 गोलियां मारकर कत्ल, कातिल कोई नहीं:  मोहाली कोर्ट ने सभी 12 आरोपी बरी किए, इनमें हरियाणा के 2 कुख्यात गैंगस्टर भी – Mohali News


गैंगस्टर कौशल चौधरी, अमित डागर। इनसेट में मृतक इंद्रजीत सिंह की फाइल फोटो।

मोहाली के खरड़ में 7 साल पहले हुए इंद्रजीत सिंह मर्डर केस में गैंगस्टर कौशल चौधरी, अमित डागर और गुरदेव सिंह बरी हो गए। कोर्ट ने तीनों को 20 हजार रुपए के जमानत बांड भरने के आदेश दिए।

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कोर्ट ने 44 पन्नों का फैसला सुनाते हुए कहा- अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर पाया कि नामजद तीनों आरोपी साजिश में शामिल थे, इसलिए आरोपियों को बेनिफिट ऑफ डाउट का लाभ दिया जाता है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी को भी शक के आधार पर सजा नहीं दे सकते हैं। इससे पहले ट्रायल में नामजद 9 आरोपी दिसंबर 2022 में बरी हो चुके थे।

बाद में साजिशकर्ता बताते हुए तीनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट के दौरान जेल से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि मृतक के भाई ने भी इनकी पहचान से इनकार कर दिया।

पुलिस ने परिवार की शिकायत पर कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन इसमें से एक पर भी दोष साबित नहीं हो पाया है। जिससे सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर में युवक की हत्या किसने की। बीच सड़क पर बदमाशों ने उसे 25 गोलियां मारीं थी।

युकव की हत्या के बाद मौके पर जांच करती हुई पुलिस (फाइल फोटो)

पहले जानिए कोर्ट ने क्या कहा…

  • कॉल डिटेल से साजिश सबित नहीं हुई: कोर्ट ने कहा कि जिनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड पेश किए गए, उनसे आरोपियों और मुख्य हमलावरों के बीच घटना से ठीक पहले किसी ठोस संपर्क की पुष्टि नहीं हो सकी। जिन रिकवरी का हवाला दिया गया, उनसे भी कोई ठोस कड़ी साबित नहीं हुई। भीड़-भाड़ वाले इलाके में वारदात हुई, लेकिन कोई स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया, जिससे साजिश का प्रत्यक्ष लिंक बनता।
  • केवल शक पर सजा नहीं दे सकते: सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नोट किया कि मुख्य गवाह ट्रायल के दौरान अपने पहले बयान से मुकर गया। ऐसे में केवल शक या गुप्त सूचना के आधार पर किसी को सजा नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड की स्पष्ट कड़ी या अन्य भौतिक साक्ष्य पेश नहीं किए गए।
  • फोरेंसिक रिपोर्ट में फायरिंग की पुष्टि, सबूत भूमिका लायक नहीं: कोर्ट ने कहा कि मौके से बरामद खोखों की फोरेंसिक रिपोर्ट में फायर आर्म्स से फायरिंग की पुष्टि हुई, लेकिन इससे तीनों की भूमिका साबित करने लायक स्वतंत्र सबूत नहीं मिले। जिसके चलते कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बरी करते हुए 20 हजार रुपए के जमानत बांड भरने के आदेश दिए।
खरड़ में हत्या के समय मौके पर बिखरे खोल (फाइल फोटो)

खरड़ में हत्या के समय मौके पर बिखरे खोल (फाइल फोटो)

अब जानिए पूरा मामला…

  • फिरोजपुर से चंडीगढ़ में घूमने गया था इंदरजीत: 8 नवंबर 2019 को खरड़ सिटी थाने में बलवीर सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई। जिसमें बताया गया कि उसका भाई इंदरजीत सिंह, जो कि फिरोजपुर का रहने वाला था और चंडीगढ़ घूमने के लिए आया था। जैसे ही खरड़ की दर्पण सिटी से दोस्तों के साथ घूमने निकला, तो पहले से ही सड़क किनारे खड़े दो युवकों ने हाथ देकर उसकी बाइक रुकवा ली।
  • बदमाशों ने 25 गोलियां मारी: बाइक चला रहे रोहित व अजय को जब तक मामला कुछ समझ आता, तब तक दोनों के बीच बैठे इंदरजीत सिंह के सिर से सटाकर दोनों युवकों ने अपने रिवॉल्वर से करीब 25 गोलियां बरसा दीं। घटनास्थल के नजदीक ही अपराधियों की कार खड़ी थी, जिसमें कोई तीसरा व्यक्ति पहले ही ड्राइविंग सीट पर बैठा था।
  • पुलिस को मौके से 15 खाली कारतूस मिले थे: आरोपियों के कार में सवार होते ही कार तेजी से रंधावा रोड की ओर निकल गई। इसके बाद दोनों दोस्त एक राहगीर की कार में इंदरजीत को लेकर खरड़ अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से 15 खाली कारतूस (KF-7.65) बरामद हुए थे और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चेहरे व सिर पर कई गोली के घाव बताए गए थे।
  • पहले 9 आरोपियों पर केस दर्ज हुआ: पुलिस ने मामले में कार्रवाई करनते हुए पहले नौ आरोपियों (रोहित सेठी, अजय कुमार उर्फ कपा, आशीष चोपड़ा, मेजर सिंह उर्फ बाबा आदि) के खिलाफ केस दर्ज किया और फिर गिरफ्तार कर लिया।
  • गैंगस्टर कौशल समेत तीन जेल से गिरफ्तार हुए: पुलिस ने 2021 में जेल में बंद होने के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर तीन और आरोपियों को नामजद किया। इसमें गुरदेव सिंह फरीदकोट जेल, जबकि अमित और कौशल दिल्ली सेंट्रल जेल में थे। उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया, लेकिन कोई बरामदगी या कॉल डिटेल्स जैसा कोई इलेक्ट्रॉनिक सबूत नहीं मिला। जो उन्हें मुख्य हत्यारों या पीड़ित से जोड़ता हो।
  • 2022 में 9 आरोपी बरी, भाई ने भी बयान बदला: केस के ट्रायल के दौरान ही पहले नौ सह-आरोपियों (रोहित सेठी, अजय कुमार उर्फ कपा, आशीष चोपड़ा, मेजर सिंह उर्फ बाबा आदि) को दिसंबर 2022 में ही बरी कर दिया गया था। इसके बाद अब शिकायतकर्ता बलवीर सिंह (मृतक के भाई) ने ट्रायल के दौरान अपना बयान बदल दिया और कहा कि उसे इन आरोपियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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