राज्यसभा चुनाव को लेकर JDU में दूसरे नाम पर मंथन जारी है। होली बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। अंदरखाने जनता दल यूनाइटेड (JDU) में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, मार्च में JDU के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। फिलहाल नीतीश कुमार पार्टी की कमान संभाल रहे हैं। चर्चा है कि वह निशांत कुमार की एंट्री के साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ सकते हैं। कल यानी गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन का आखिरी दिन है। दो सीटें JDU के खाते में हैं। जिसमें एक सीट पर रामनाथ ठाकुर नामांकन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। दूसरी सीट को लेकर पार्टी के भीतर गहन मंथन जारी है। आज शाम 6 बजे तक दूसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा किए जाने की संभवना है। इसी बीच सत्ता के गलियारों में बड़े राजनीतिक उलटफेर की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ये चर्चाएं शायद इसलिए भी हैं क्यों कि नीतीश कुमार निशांत को राज्यसभा भेजे जाने पर अभी सहमत नहीं है। सियासी हालातों को देखते हुए ये 3 सिचुएशन बन रही है अगर निशांत राज्यसभा जाते हैं तो इसके 2 बड़े मायने 1. नीतीश रिटायर होने वाले हैं नीतीश कुमार 76वें साल में प्रवेश कर गए हैं। उनके साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें है। ऐसे में समय-समय पर पार्टी के अंदर और बाहर उनके उत्तराधिकारी की मांग होती रहती है। JDU कार्यालय के बाहर भी कई मौकों पर नीतीश के बाद निशांत का नारा लिखा पोस्टर लग चुका है। 2. JDU का भविष्य तय निशांत कुमार के राज्यसभा जाते ही स्वतः JDU का भविष्य तय हो जाएगा। मतलब कि पार्टी नीतीश के बाद भी चलती रहेगी, खत्म नहीं होगी। फिलहाल पार्टी में कोई बड़ा नेता नहीं है। 2 पॉइंट में नीतीश ने निशांत को कैसे JDU की मजबूरी बनाया 1. सेकेंड लाइन नेताओं को किया किनारे 2003 में बनी JDU बीते 23 साल से नीतीश की छांव में ही चल रही है। नीतीश कुमार ही चेहरा हैं। दूसरे नंबर पर जरूर कुछ नेता पहुंचे, लेकिन वे लंबे समय तक टिक नहीं पाए या टिकने नहीं दिया गया।
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