अमेठी में लगभग 5.60 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सड़कों का नवीनीकरण कार्य कथित कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के कारण अधर में लटक गया है। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बावजूद, संबंधित अधिकारी टेंडर प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र की 38 सड़कों के नवीनीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा टेंडर प्रक्रिया आयोजित की जानी थी। इन सड़कों की खराब हालत के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि गौरीगंज में टेंडर खोलने के लिए पहले एक तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन विवादों के चलते उसे आगे बढ़ा दिया गया। इसके बाद, 24 फरवरी को टेंडर खोलने की नई तिथि तय की गई थी, लेकिन उस दिन भी टेंडर नहीं खुल सका, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच, एक ठेकेदार ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया में पहले से ही ‘सेटिंग’ कर ली गई है और एक पसंदीदा फर्म को काम दिलाने की तैयारी चल रही है। ठेकेदार का आरोप है कि अन्य फर्मों को बाहर करने के उद्देश्य से टेंडर प्रक्रिया को जानबूझकर टाला जा रहा है। पारदर्शी तरीके से पूरा करने की मांग उसी ठेकेदार ने कुछ अन्य फर्मों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में इन फर्मों द्वारा पूर्व में किए गए कार्यों की गुणवत्ता और प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए उनकी जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की मांग की है। इस संबंध में, पीडब्ल्यूडी के प्रशासनिक अधिकारी कनौजिया बाबू ने बताया कि उन्हें कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।
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