बिलासपुर जिले के मल्हार नगर पंचायत की बैठक में अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट द्वारा उपाध्यक्ष सुशील राजा चौबे पर हाथ उठाने का मामला गरमा गया है। घटना के बाद उपाध्यक्ष ने भाजपा जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल से लिखित शिकायत की, जिसके बाद संभागीय प्रभारी प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जांच के लिए बिलासपुर पहुंचे। यह घटना मल्हार नगर पंचायत की एक बैठक के दौरान हुई। अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट ने बैठक में ही उपाध्यक्ष सुशील राजा चौबे पर हाथ उठा दिया था, जिससे वहां हंगामा मच गया। घटना के अगले दिन उपाध्यक्ष सुशील राजा चौबे ने भाजपा जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल से लिखित शिकायत की। पार्टी अनुशासन का हवाला देते हुए चौबे ने घटना के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन शिकायत करने की पुष्टि की। मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागीय प्रभारी प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने बिलासपुर में जांच शुरू की। उन्होंने जिला भाजपा कार्यालय में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षदों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बंद कमरे में हुई पूछताछ के दौरान अध्यक्ष ने अपनी गलती स्वीकार की, लेकिन साथ ही उपाध्यक्ष पर भी आरोप लगाए। भाजपा जिलाध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल ने मल्हार नगर पंचायत की घटना पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने पहले ऐसी किसी बात से इनकार किया, फिर इसे “पार्टी संगठन, परिवार के बीच होते रहने वाली बात” बताया। उन्होंने जूदेव की बैठक को मल्हार नगर पंचायत और प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित संगठनात्मक बैठक बताया, न कि विशेष रूप से घटना की जांच के लिए बुलाई गई बैठक। संगठन के लोगों के सामने हुई घटना, सबको तलब किया.. बहरहाल मल्हार नगर पंचायत की अध्यक्ष द्वारा उपाध्यक्ष पर हाथ उठाने की घटना के वास्तविक तथ्य तो सामने नहीं आए लेकिन इतना तय है कि अध्यक्ष के रवैए को लेकर संगठन स्तर पर मामला गंभीर हो गया है। कारण घटना के दौरान मंडल अध्यक्ष रनजीत सिंह, जिला मंत्री राजकुमार साहू और पार्षदगण उपस्थित थे और जूदेव ने आज इन सबकी क्लास ली। मल्हार महोत्सव को लेकर बुलाई गई थी नपं की बैठक घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को मल्हार रेस्ट हाउस में नगर पंचायत द्वारा मल्हार महोत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई गई थी। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट, उपाध्यक्ष सुशील चौबे, कई पार्षदों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। प्रशासन की ओर से एसडीएम, तहसीलदार और नगर पंचायत सीएमओ भी बैठक में शामिल हुए थे। शांत कराने पर उल्टे भड़क गईं धनेश्वरी बताया जाता है कि बैठक के दौरान महोत्सव की कार्ययोजना पर चर्चा चल रही थी, तभी किसी मुद्दे को लेकर अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट अचानक आक्रोशित हो गईं और ऊंची आवाज में बोलने लगीं। बैठक में मौजूद उपाध्यक्ष सुशील चौबे ने अध्यक्ष से शांत होकर अपनी बात रखने की सलाह दी। पार्षदों के साथ भी गाली-गलौज का आरोप आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट ने अपना आपा खो दिया और बैठक के बीच उपाध्यक्ष को तमाचा जड़ दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने वहां मौजूद पार्षदों के साथ भी गाली-गलौज शुरू कर दिया। झगड़े के बाद बैठक स्थगित इस अप्रत्याशित घटना से बैठक में मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि स्तब्ध रह गए। स्थिति को बिगड़ते देख अधिकारियों ने माहौल शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ता देख अंततः बैठक को स्थगित करना पड़ा। अध्यक्ष की करतूतों का वीडियो वायरल हो चुका.. गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नगर पंचायत अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट का विवाद सामने आया हो। इससे पहले भी वे नगर पंचायत सीएमओ के कार्यालय में घुसकर अभद्रता कर चुकी हैं। उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद सीएमओ ने मल्हार चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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