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दत्तात्रेय होसबाले बोले- ईरान युद्ध पर भारत का स्टैंड सही: पानीपत में कहा- BJP ने आरएसएस की विचारधारा अपनाई, बाकियों ने दरवाजे बंद किए – Panipat News

दत्तात्रेय होसबाले बोले- ईरान युद्ध पर भारत का स्टैंड सही:  पानीपत में कहा- BJP ने आरएसएस की विचारधारा अपनाई, बाकियों ने दरवाजे बंद किए – Panipat News

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में
नंबर-2 सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने

हरियाणा के पानीपत में आयोजित तीन दिवसीय सभा के अंतिम दिन आज पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और नेपाल में सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नई सरकारें बनी हैं। दोनों देशों में शांति-स्थिरता और उनका भारत के साथ अच्छा संबंध पूरे एशिया के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है। हालांकि, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। पानीपत में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर होसबाले ने कहा कि RSS के कार्यकर्ता ही देशभक्त हैं, ऐसा संघ का कहना बिल्कुल भी नहीं है। संघ ने अपने तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आखिरी दिन कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और सुझाव रखे। इनमें आरएसएस के दायित्व परिवर्तन भी शामिल रहा। उन्होंने बताया कि पानीपत की सभा के दौरान आरएसएस के शताब्दी वर्ष (2025-26) की वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई। यहां केरल और तमिलनाडु समेत दक्षिण के राज्यों और पूर्वोत्तर में संघ की गतिविधियों और सामने आई चुनौतियों का जिक्र किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि एक वर्ष में देश में संघ की 88,949 शाखाएं लगाई गईं। जो पिछले साल से 5,820 ज्यादा हैं। इस दौरान उनसे कई सवाल भी किए गए, आइए जानें उन्होंने क्या जवाब दिए…. पढ़ें RSS सरकार्यवाह से किए गए सवाल-जवाब… RSS की बैठक की बड़ी बातें… गुरु तेग बहादुर व संत शिरोमणि रविदास जयंती से मैसेज सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर कई कार्यक्रम किए गए। वहीं संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर इस साल कार्यक्रम हो रहे हैं। यह समरता का संदेश है। 3 दिन में 32 संगठनों ने दिए सुझाव पानीपत के माधव सृष्टि में चल रहे तीन दिवसीय सभा के अंतिम दिन आरएसएस के सरसंघ चालक का संबोधन होगा। इससे पहले दो दिन में आरएसएस की विचारधारा से जुड़े 32 संगठनों ने सुझाव रखे। 1487 पदाधिकारियों ने यहां भाग लिया। संघ में बदलाव और अगले साल की योजना पर सहमति लेंगे बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत संघ के स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ ही अगले एक साल तक होने वाले कार्यों को लेकर आज सभा से स्वीकृति लेंगे। हरियाणा में भी RSS का मुख्यालय बनाने की तैयारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत में पैरलल मुख्यालय बनाने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। पानीपत के पट्टीकल्याणा में बना माधव दृष्टि साधना केंद्र करीब 25 एकड़ में फैला है। इसे नागपुर मुख्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। रणनीतिक दृष्टि से अनुकूल होने के कारण संघ यहां से कई उत्तर भारतीय राज्यों को एक साथ साधने की तैयारी में है। दिल्ली से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण माधव सृष्टि को और अधिक अपग्रेड किया जाएगा। 8 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने पट्टीकल्याणा में सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र की आधारशिला रखी थी। उन राज्यों पर ध्यान, जिनमें BJP नहीं जीती आरएसएस प्रतिनिधि सभा के पहले दिन चर्चा के केंद्र में वो राज्य रहे, जिनमें BJP या तो कभी सत्ता में नहीं रही, या दमदार उपस्थिति नहीं है। संघ के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया कि आगले दो वर्षों में मुख्य ध्यान चार राज्यों- केरल, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल पर केंद्रित रहेगा। इन राज्यों में संघ अपने कार्य विस्तार के लिए माइक्रो-मैनेजमेंट और नए सांगठनिक स्ट्रक्चर पर जोर दे रहा है। पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को एक्टिव करेंगे आरएसएस पंजाब को एक चुनौती के रूप में ले रही है। वहां कभी भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है। असल में पंजाब की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा का सिखों के साथ तालमेल बैठना आसान नहीं। इसलिए पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को नए सिरे से एक्टिव किया जाएगा। संघ यह मैसेज देना चाहता है कि सिखों और हिंदुओं का रिश्ता ‘नख-मांस’ जैसा है। पंजाब में अगले साल के शुरु में चुनाव होने हैं। पंजाब को लेकर आरएसएस की 4 रणनीति ———– हरियाणा में भी RSS का मुख्यालय बनाने की तैयारी:प्रतिनिधि सभा में आएगा प्रस्ताव; पंजाब-बंगाल-दक्षिण के चुनावों पर मेगा फोकस
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत में पैरलल मुख्यालय बनाने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। तीन दिवसीय सभा के आखिरी दिन रविवार (15 मार्च) को सभी प्रस्तावों पर निर्णय होगा। आरएसएस सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत का संबोधन भी इसी दिन होगा। पढ़ें पूरी खबर…



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