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बालाघाट में शासकीय भूमि से हटाई दुर्गा प्रतिमा: गर्रा में 12 घंटे बाद प्रशासन ने चलाया बुलडोजर; सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान – Balaghat (Madhya Pradesh) News

बालाघाट में शासकीय भूमि से हटाई दुर्गा प्रतिमा:  गर्रा में 12 घंटे बाद प्रशासन ने चलाया बुलडोजर; सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान – Balaghat (Madhya Pradesh) News

बालाघाट जिले के गर्रा औद्योगिक क्षेत्र में चैत्र नवरात्र के अवसर पर शासकीय भूमि पर स्थापित की गई मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को प्रशासन ने गुरुवार देर शाम हटा दिया। एसडीएम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लगभग 12 घंटे बाद यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने न केवल प्रतिमाओं को अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित किया, बल्कि रात में ही जेसीबी चलाकर निर्माणाधीन मंदिर के ढांचे को भी ढहा दिया। प्रतिमाओं को वाहन में रखकर भेजा प्रशासनिक अमले ने शाम को विवादित स्थल की घेराबंदी कर बंद पर्दों के बीच मूर्तियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मां दुर्गा, भगवान शंकर, नंदी, सूर्य और विष्णु की प्रतिमाओं को सरकारी वाहन में रखवाकर सम्मानपूर्वक विसर्जित या अन्यत्र स्थापित करने के लिए भेजा गया। हालांकि, प्रशासन ने अधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन प्रतिमाओं को वर्तमान में कहां रखा गया है। अतिक्रमण और बेदखली आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने बताया कि उक्त भूमि पूरी तरह शासकीय है और वहां प्रतिमा स्थापना नियम विरुद्ध थी। प्रशासन ने पूर्व में भी यहां चल रहे निर्माण कार्य को रोकने और अतिक्रमणकारियों को बेदखली के आदेश दिए थे। निर्देशों के उल्लंघन और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को देखते हुए हिंदू शास्त्रों के विधि-विधान और सम्मान के साथ प्रतिमाओं को वहां से हटाने का निर्णय लिया गया। सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान ग्राम पंचायत सरपंच वैभवसिंह बिसेन ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इसे हिंदुत्व का अपमान बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से ग्रामीण यहां नवरात्र मनाते आ रहे हैं और जनसहयोग से मंदिर खड़ा किया गया था। सरपंच ने बताया कि इस बेशकीमती जमीन को शराब भट्टी के लिए आवंटित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने देवी-देवताओं की प्रतिमाओं और मंदिर के ढांचे को हटाया है। देर रात चलाया बुलडोजर प्रतिमा स्थापना की सूचना के बाद गुरुवार सुबह से ही गर्रा में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन सहमति न बनने पर बलपूर्वक कार्रवाई की गई। रात के अंधेरे में निर्माण कार्य गिराए जाने के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।



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