फरीदकोट के गांव हरीनौ के 2 किसान भाइयों ने करीब 35 लाख के कर्ज के बोझ के चलते ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली है। इस मामले में सरकार से परिवार का सारा कर्ज माफ करवाने, दोनों की विधवाओं की सरकारी नौकरी, बच्चियों की पढ़ाई, माता-पिता को पेंशन समेत परिवार की आर्थिक मदद कराने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल 7 किसान संगठनों ने संघर्ष की घोषणा कर दी है। इसके ही संयुक्त किसान मोर्चा ने लैंड मॉर्गेज बैंक के अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए संघर्ष की घोषणा की है। वीरवार को मृतक किसान भाइयों के पैतृक गांव हरीनौ में बैठक के बाद किसान संगठनों ने 30 मार्च को गांव संधवां में विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास पर धरने की घोषणा की है। सरकार से वादे पूरे करने की मांग की जाएगी धरने के माध्यम से राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार को किसानों से किए वादे पूरे करने की भी मांग की जाएगी। इस मौके पर किसान नेताओं ने कहा कि दो सगे किसान भाइयों ने भारी कर्ज और खराब आर्थिक हालत से तंग आकर ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी थी। दोनों भाइयों ने लैंड मॉर्गेज बैंक से करीब 5 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जो बढ़कर 17 लाख रुपये से ज्यादा हो गया। कर्ज चुकाने के लिए उन्हें अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी, लेकिन फिर भी वे आर्थिक संकट से बाहर नहीं निकल सके। उनके पास आलू की फसल काटने के लिए मजदूरों को देने लायक पैसे नहीं थे जिसके चलते फसल खराब हो गई। इस मौके पर किसान नेता राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला व इंद्रजीत सिंह घनियां ने कहा कि सत्ता में आने से पहले किसानों का सारा कर्ज माफ करने व सभी फसलों पर एमएसपी का वादा करने वाली आम आदमी पार्टी ने सरकार बनने के बाद किसानों की सुध लेना जरूरी नहीं समझा। किसान मरने को मजबूर है और अब किसान संगठन चुप नहीं बैठेंगे। ऐसे में किसान संगठनों ने स्पीकर आवास पर 30 मार्च को धरना देकर संघर्ष की शुरुआत करने का फैसला किया है। इसके अलावा भाकियू सिद्धूपुर द्वारा राज्य भर में लैंड मॉर्गेज बैंक के बाहर पुतले भी फूंके जाएंगे।
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