राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने शुक्रवार को यूडी टैक्स संग्रह अभियान की समीक्षा बैठक ली। जैन ने अधिकारियों को टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित प्रक्रिया के तहत करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का संशोधन मौके के निरीक्षण के बाद ही किया जाए, ताकि आमजन के साथ न्याय सुनिश्चित हो सके। बैठक में सचिव ने नगर निगम स्तर पर एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति उन मामलों की सुनवाई करेगी, जिनमें कुर्की की कार्रवाई प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि सुनवाई के बाद संबंधित करदाता को बकाया जमा कराने के लिए दो दिन का समय दिया जाए, जिससे उन्हें उचित अवसर मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 31 मार्च तक चल रहे यूडी टैक्स संग्रह अभियान को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाए। साथ ही, आमजन को दी जा रही छूट और रियायतों की जानकारी व्यापक रूप से प्रचारित करने पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जयपुर में यूडी टैक्स के रूप में 120.62 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है। वहीं यूडी टैक्स और विज्ञापन कर को मिलाकर कुल 144.58 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह हुआ है। बता दें कि सरकार की ओर से आमजन को राहत देते हुए विशेष छूट भी दी जा रही है। इसके तहत वर्ष 2024-25 तक के नगरीय विकास कर को एकमुश्त जमा कराने पर ब्याज और शास्ति पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। वहीं वर्ष 2011-12 से पूर्व के बकाया मामलों में एकमुश्त भुगतान करने पर शास्ति में छूट के साथ मूल बकाया में भी 50 प्रतिशत तक राहत दी जाएगी। सचिव रवि जैन ने कहा कि यह अभियान केवल राजस्व बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि आमजन को राहत देने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है।
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