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जींद जिले के नरवाना क्षेत्र के गांव भाना ब्राह्मण में अवैध निर्माण हटाने के दौरान कई ग्रामीणों के मकान ढ़हा दिए गए। पंचायतजी जमीन से अवैध कब्जे हटाने की प्रशासन की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। मकान गिराने के बाद बेघर हुए ग्रामीण रविवार को चंडीगढ़ कूच पर निकल पड़े। हालांकि पुलिस ने ग्रामीणों को रासते में गांव शिमला के पास रोक लिया। ग्रामीण अभी पलायन पर अड़े हुए हैं। इस बीच मंत्री कृष्ण बेदी भी गांव भाना ब्राह्मण में पहुंच गए हैं। वे हालात पर ग्रामीणों की एक कमेटी से बात कर रहे हैं। पूरे विवाद में समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी अनुसार, शुक्रवार को प्रशासन ने गांव भाना ब्राह्मण में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस दौरान 8-10 मकानों को तोड़ दिया गया था। इसके अलावा अन्य 40-50 मकानों पर भी कार्रवाई हुई थी। इससे प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उनके घर तोड़ दिए गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। चंडीगढ़ कूच के दौरान पुलिस ने रोका प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में रविवार को गांव के दर्जनों परिवारों ने चंडीगढ़ जाने का फैसला किया। ग्रामीणों का कहना था कि उनके पास अब रहने के लिए छत नहीं बची है, इसलिए वे अपनी समस्या सरकार तक पहुंचाने के लिए चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन जैसे ही ग्रामीण सिमला गांव के पास पहुंचे, वहां पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। पुलिस-प्रशासन कर रहा समझाने का प्रयास पुलिस प्रशासन मौके पर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहा है ताकि स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया जा सके। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी लगातार ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं। प्रशासन बोला– कार्रवाई नियमों के तहत, ग्रामीण बोले– अन्याय हुआ प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों के खिलाफ यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है। वहीं, ग्रामीण इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध पर अड़े हुए हैं। फिलहाल, हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
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