फरीदाबाद नगर निगम में कथित घोटालों को लेकर बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न विभागों, खासकर इंजीनियरिंग विंग के कार्यालयों में दस्तावेजों की जांच की। टीम ने कई घंटों तक रिकॉर्ड खंगाले और संबंधित फाइलों को खंगालने का काम किया। इस कार्रवाई को हाल ही में हुई दिशा (DISHA) बैठक से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने नगर निगम को “लूट का अड्डा” बताया था। इसके बाद हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने पिछले 10 वर्षों में हुए विकास कार्यों की जांच कराने की बात कही थी। बैठक में उठा था मुद्दा 12 मई को की गई दिशा बैठक में केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और बीजेरी के तीन विधायक मूलचंद शर्मा, सतीश फागना, धनेश अदलखा ने नगर निगम के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और खर्चों में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि था की अधिकारी अपने कमीशन के लिए ठेकेदार के साथ मिलकर घटिया सामग्री का इस्तेमाल निमार्ण कार्यों में कर रहे है। कई फाइलों को कब्जे में लिया ACB की तरफ से इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नही किया गया है। ACB सूत्रों ने बताया कि कई पुराने कामों की फाइलों को कब्जे में लिया गया है। ACB की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि अब पुराने कामकाज की परतें खुल सकती हैं। आने वाले दिनों में इस जांच से बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इन अधिकारियों पर हो चुकी है कार्रवाई नगर निगम के विकास कार्यों में घटिया सामग्री लगाने को लेकर 2 एसडीओ और एक जेई को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है। इसके अलाावा निगम में भ्रष्टाचार के मामले को लेकर एसडीओ संजय बंसल को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है और मामले की जांच एडिशनल कमीश्नर द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान ACB के डीएसपी मनीष सहगल अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी करते नजर आए।
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