मुख्य बातें

धनबाद धमाके के साथ धंसा घर, तीन जमीनदोज: देर रात चार घंटे बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, घर समेत मवेशी भी जमीन में समाए – Dhanbad News

धनबाद धमाके के साथ धंसा घर, तीन जमीनदोज:  देर रात चार घंटे बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, घर समेत मवेशी भी जमीन में समाए – Dhanbad News

धनबाद के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत बहियारडीह पंचायत के टंडाबाड़ी में मंगलवार को जोरदार धमाके के साथ एक घर अचानक जमीन में धंस गया। इस भयावह हादसे में मोनू उरांव (60), उनकी 17 वर्षीय बेटी गीता कुमारी और पड़ोसी परशुराम उरांव की पत्नी सरिता देवी (45) जमीन के भीतर समा गए। घटना इतनी अचानक हुई कि घर में मौजूद सामान और मवेशी भी धंसान की चपेट में आ गए। आसपास का एक अन्य घर भी प्रभावित हुआ। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। अफरातफरी के बीच सड़क जाम, चार घंटे बाद खुला मार्ग घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने राजगंज-चास मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। छोटे वाहन किसी तरह निकलते रहे, लेकिन भारी वाहन देर रात तक जाम में फंसे रहे। सूचना मिलने पर विधायक शत्रुघ्न महतो, मुखिया गिरजा देवी सहित कई जनप्रतिनिधि घटनास्थल पहुंचे। सोनारडीह ओपी पुलिस और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस के हस्तक्षेप से करीब चार घंटे बाद रात 10 बजे जाम हटाया गया और आवागमन सामान्य हो सका। चार घंटे बाद शुरू हुआ रेस्क्यू, परिजन रहे परेशान हादसे के करीब चार घंटे बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। जिला प्रशासन और बीसीसीएल की टीम ने मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की, लेकिन देर रात तक सफलता नहीं मिल सकी थी। मौके पर बाघमारा सीओ गिरिजानंद किस्कू, डीएसपी पुरुषोत्तम सिंह, बैंक मोड़ थाना प्रभारी असित सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे जल्द से जल्द फंसे लोगों को निकालने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ की टीम बुलाने के लिए भी पत्राचार किया है। अवैध खनन पर उठे सवाल, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के लिए क्षेत्र में चल रहे अवैध कोयला उत्खनन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि घटनास्थल के पास ही अवैध खनन का मुहाना है, जहां भारी ब्लास्टिंग कर कोयले की निकासी की जाती है, जिससे जमीन कमजोर हो गई। ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले यहां से हटने का नोटिस दिया गया था, लेकिन विस्थापन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बीसीसीएल के अधिकारियों ने फिलहाल मामले पर टिप्पणी से परहेज किया है, जबकि सेफ्टी जीएम संजय सिंह ने कहा कि राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *