चूरू में शुक्रवार सुबह पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। कुछ देर तक चली इस बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया और सुबह के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बेमौसम हुई इस बारिश से किसानों को नुकसान की आशंका है। कई खेतों में चना, सरसों और ईसबगोल की फसलें काटकर एकत्रित की गई हैं, जिनके भीगने से खराब होने का डर बना हुआ है। 2 दिन आंधी-बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव हो रहा है। इस विक्षोभ का सर्वाधिक प्रभाव 3-4 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में देखा जाएगा। इन क्षेत्रों में तेज मेघगर्जन के साथ आंधी-बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ 7-8 अप्रैल को कुछ भागों में सक्रिय होने की संभावना है। आगामी एक सप्ताह तक राज्य में हीटवेव की कोई संभावना नहीं है।
किसानों को विशेष सलाह दी गई है कि वे अपनी पककर तैयार फसलों, कृषि मंडियों और धान मंडियों में खुले में रखे अनाज व जिंसों को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें, ताकि उन्हें बारिश से बचाया जा सके।
Source link
