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गांव के झगड़े से खुला वीर की मौत का राज: आरोपी बोला- एक बच्चे की हत्या की है, आज तक किसी को पता नहीं चला – Munger News




मुंगेर के हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के खंडबिहारी गांव में 8 माह पहले लापता हुए 10 वर्षीय वीर सिंह की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने फिरौती न मिलने पर अपहरण के बाद हत्या करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बच्चे के अवशेष घर से 200 मीटर दूर एक कुएं से बरामद किए गए हैं। मनीष कुमार सिंह का इकलौता बेटा वीर सिंह 23 जुलाई 2023 को लापता हो गया था। 8 महीने बाद, उसके कपड़े और हड्डियों के अवशेष एक कुएं से मिले, जिनकी पहचान परिजनों ने की। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ दिन पहले आरोपियों का किसी से झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान उन्होंने धमकी दी कि उन्होंने एक बच्चे की हत्या की है, जिसका आज तक किसी को पता नहीं चला। यह बात गांव में फैल गई और बच्चे के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। संदेह के आधार पर दो दिन पहले पटना से एक आरोपी को हिरासत में लिया गया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद बुधवार देर रात कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
कुएं से पानी निकालने के बाद हड्डी के टुकड़े बरामद आरोपियों की निशानदेही पर गुरुवार शाम को पुलिस उस कुएं तक पहुंची, जहां बच्चे के शव को फेंका गया था। कुएं से पानी निकालने के बाद हड्डी के टुकड़े और कुछ कपड़े बरामद हुए। हवेली खड़गपुर के डीएसपी अनिल कुमार ने स्वयं कुएं से निकाले गए पानी और कीचड़ में बच्चे के अवशेषों की तलाश की। घटना की जानकारी मिलने पर मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद खंडबिहारी गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद डीएसपी अनिल कुमार, थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार तिवारी और फोरेंसिक टीम से बात की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी ने बालक के परिजनों से भी मुलाकात की और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया। घटना की कैसे हुई शुरुआत मृतक के पिता मनीष कुमार सिंह पेशे से किसान हैं। उन्होंने बताया, 23 जुलाई की रात 8 बजे मैं कुछ सामान लेने के लिए अपने घर से बाजार की तरफ निकला था। कुछ समय बाद मेरे इकलौता बेटा भी मेरे पीछे-पीछे बाजार आ गया। लेकिन मुझे इसके बारे में जानकारी नहीं थी। न तो वो मुझे बाजार में मिला न ही रास्ते में… जब मैं घर आया तो मुझे पता चला कि वीर मेरे साथ बाजार जाना चाहता था, लेकिन मेरी डांट की डर की वजह से उसने मुझे नहीं बताया। वो मेरे पीछे छिपकर आ रहा था। हमलोग रात 10 बजे तक घर पर बेटे का इंतजार किए, लेकिन वो नहीं पहुंचा। इसके बाद मैं उसे ढूंढने के लिए घर से बाहर निकला, लेकिन वो कहीं नहीं मिला। पूरी रात ढूंढने के बाद सुबह 8 बजे मैं थाने पहुंचा। वहां बेटे के लापता होने का रिपोर्ट दर्ज करवाया। इस दौरान पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। अलग-अलग राज्यों में गई थी SIT टीम इस मामले में एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पिछले साल जुलाई महीने में खंड बिहारी गांव में एक 10 वर्षीय बालक गुमशुदी का मामला सामने आया था और इस मामले को लेकर हवेली खड़कपुर थाना में प्राथमिक की दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। बच्चे की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की कार्रवाई की गई। सबसे पहले हमारी टीम ने स्थानीय स्तर पर सघन तलाशी अभियान चलाया, साथ ही बिहार से बाहर भी टीमों को भेजा गया। हालांकि, प्रारंभिक दौर में कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन पुलिस लगातार प्रयासरत रही। 4 महीने बाद भी जब सफलता नहीं मिली तो हमने मुंगेर में जांच शुरू कर दी। बच्चे के परिवार वालों के बयान के हिसाब से हमने गांववालों से भी पूछताछ शुरू की। इसी दौरान करीब 50 लोगों से पूछताछ करने के बाद मार्च 2026 में हम 4 लड़कों तक पहुंचे। उसकी एक्टिविटी को देखकर हमनें उनलोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। इसी दौरान लड़कों ने अपने अपराध को स्वीकारते हुए पूरे वारदात को बताया है।
सड़क से बच्चे को किया अगवा नाबालिग लड़कों ने बताया, घटना वाले दिन हमलोग हर दिन की तरह इधर से उधर घूम रहे थे। इसी दौरान सड़क पर हमें एक अकेला बच्चा जाते हुए दिखा। जब हमलोग पास पहुंचे तो देखा वो बच्चा हमारे ही गांव का है। हमने उसे इशारा कर अपने पास बुलाया। उससे पूछा तुम कहा जा रहे हो? इसपर उसने कहा मैं पापा के पास मार्केट जा रहा हूं। इसपर हमने कहा, चलो हमलोग तुम्हे मार्केट लेकर जाएंगे। वहां कुछ खिलाएंगे फिर वापस घर छोड़ देंगे। बच्चा खुश हो गया और वो हमारे साथ आसानी से गांव लौट आया। इसके बाद हमने उसके मुंह में टेप चिपकाया और घर पर फिरौती मांगने के लिए फोन करना चाहा। फिरौती मांगने की हिम्मत नहीं हुई हमलोग अक्सर गांव में कारनामे करने के लिए बदनाम थे। पढ़ाई में हमारा मन नहीं लगता था, इस वजह से इधर-उधर घूमते रहते थे। लेकिन जब फिरौती मांगने के लिए फोन करने की बात आई तो हमलोग घबरा गए। हम में से किसी में हिम्मत नहीं हुई कि बच्चे के पिता को फोन किया जा सके। एक दिन तक हमने बच्चे को अपने पास ही रखा। इसके बाद जब उसे छोड़ने की बात आई तो हमलोगों ने सोचा अगर इसे ऐसे छोड़ दूंगा तो ये हमारे बारे में पूरे गांववालों को जानकारी दे देगा। इसी वजह से हमने घर में रखे चाकू से उसकी गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को गांव के ही एक सुनसान और झाड़ियों से ढके पुराने कुएं में फेंक दिया। 15 लीटर प्लास्टिक के डब्बे और पत्थर बांधकर कुएं में फेंका वहीं बालक वीर सिंह के मामा राजा सिंह ने बताया की पिछले साल जुलाई माह से मेरा भांजा लापता था। हमलोगों ने काफी खोजबीन की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया।। उन्होंने कहा कि हत्यारे ने उसकी बेरहमी से हत्या की। इसके बाद 15 लीटर प्लास्टिक के डब्बे और पत्थर बांधकर कुएं में फेंक दिया। उन्होंने कहा कि आज जब पुलिस ने कुएं में सर्च किया तो प्लास्टिक का डिब्बा मिला। इसके साथ ही मेरे भांजे का अवशेष और कपड़ा बरामद किया गया।

उन्होंने बताया कि हम लोग भांजे के बरामद कपड़े से उसकी पहचान की है। जिस कुआं से अवशेष बरामद हुए हैं, वह घर से मात्र दो सौ मीटर दूरी पर है। हत्यारे ने किस कारण से मेरे भांजे की हत्या की है, मुझे मालूम नहीं नही है। क्योंकि कोई भी फिरौती की मांग अपराधियों ने नहीं की थी। उन्होंने कहा कि हमें पुलिस पर बहुत भरोसा है, हमें न्याय चाहिए क्योंकि वह परिवार का इकलौता बेटा था।



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