नूंह जिले के मांडीखेड़ा गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम सियासी अखाड़ा बन गया है। एक ही दिन में दो अलग-अलग राजनीतिक दलों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाने से विवाद गहरा गया है। जानकारी के अनुसार, सबसे पहले भाजपा समर्थित जिला प्रमुख जान मोहम्मद ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर अंबेडकर भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। जेजेपी के मंच से मोदी की मिमिक्री कुछ ही समय बाद, जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने भी उसी स्थान पर एक अलग कार्यक्रम आयोजित किया, जिसकी अगुवाई दिग्विजय सिंह चौटाला ने की। एक ही गांव में प्रतिमा अनावरण दो कार्यक्रम होने से राजनीतिक टकराव स्पष्ट रूप से सामने आ गया। जेजेपी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की गई। इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे मनोरंजन बताया, जबकि कई ने इसे पद की गरिमा के खिलाफ माना। दिग्विजय ने युवाओं को दी प्रायोजित ढोंग से बचने की सलाह अपने संबोधन में दिग्विजय चौटाला ने बिना नाम लिए विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “कुछ लोग बाबा साहब के सपनों को तोड़ने और समाज को जातियों में बांटने का काम कर रहे हैं।” उन्होंने प्रायोजित ढोंग और पर्ची खोलकर भविष्य बताने वालों से युवाओं को सावधान रहने की सलाह दी। इस बयान को भाजपा पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है। फिलहाल, यह मामला पूरे मेवात क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा इसे राजनीतिकरण बता रही है, जबकि जेजेपी इसे“सच्चाई की आवाज कह रही है। डॉक्टर अंबेडकर प्रतिमा का यह कार्यक्रम अब श्रद्धा से अधिक सियासत का प्रतीक बन गया है।
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