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अमरावती यौन उत्पीड़न के आरोपी के घर बुलडोजर चलाया: दावा- 180 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया, 350 वीडियो मिले

अमरावती यौन उत्पीड़न के आरोपी के घर बुलडोजर चलाया:  दावा- 180 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया, 350 वीडियो मिले

महाराष्ट्र में अमरावती जिले के परवाड़ा में 180 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मुख्य आरोपी मोहम्मद अयाज उर्फ तनवीर के घर पर प्रशासन ने बुधवार को बुलडोजर चलाया। जांच के लिए प्रशासन ने विशेष 46 सदस्यीय जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी तनवीर समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी लड़कियों को फंसाते थे, फिर उन्हें मुंबई और पुणे ले जाकर अश्लील वीडियो बनाते थे। पुलिस ने इन चारों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया। जहां उन्हें सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। आरोपी के पास 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो मिले हैं, जिनसे वह लड़कियों को ब्लैकमेल कर रहा था। आरोपी का मोबाइल फोन जब्त अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी ने अश्लील वीडियो अपने दोस्तों या किसी संगठित गिरोह के साथ शेयर किए थे या नहीं। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस डिवाइस में कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिनकी जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग भी थाने पहुंचे। इन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस के मुताबिक, राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे की शिकायत के बाद कार्रवाई की गई। उन्होंने ग्रामीण एसपी विशाल आनंद को ज्ञापन देकर मामले की जांच के लिए SIT बनाने की मांग भी की थी। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी वॉटसऐप और स्नैपचैट ग्रुप के जरिए नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाता था। वह उन्हें फंसाकर अपने साथ ले जाता और फिर उनका शोषण करता था। ———————- ये खबर भी बने: टाटा सन्स चेयरमैन बोले- नासिक की घटना परेशान करने वाली:सीनियर अफसर से जांच करा रहे, TCS कैंपस में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप हैं टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने TCS नासिक में लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीर और परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीनियर अफसर से कराई जा रही है और दोषियों पर सख्त एक्शन लेंगे। रविवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा था कि कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। जैसे ही उसे मामले की जानकारी मिली, उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…



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