दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में लखनऊ के जन भवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। सभी ने पीपीटी (PPT) के जरिए उनको अपने कॉलेज की उपलब्धियां, इनोवेशन और आगे का प्लान बताई। इस मौके पर राज्यपाल ने कॉलेजों को निर्देश दिया कि वे एजुकेशन की क्वालिटी सुधारने के लिए नेशनल लेवल की रैंकिंग और मूल्यांकन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पढ़ाई सिर्फ डिग्री लेने तक नहीं होनी चाहिए, बल्कि इससे छात्रों की पर्सनालिटी, हुनर और नौकरी पाने की काबिलियत बढ़नी चाहिए। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि कॉलेजों में स्किल और जॉब ओरिएंटेड कोर्स, डिजिटल एंड कंप्यूटर ट्रेनिंग को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेजों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, लोगों के बीच जाकर काम करना चाहिए और पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद जैसी दूसरी एक्टिविटीज भी लगातार करानी चाहिए। 32 कॉलेजों के प्रिंसिपल हुए शामिल
इस जरूरी मीटिंग में कुल 32 कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने हिस्सा लिया और अपने कॉलेज के काम-काज और नई कोशिशों के बारे में जानकारी दी। इन 32 कॉलेजों में 21 एडेड (सरकारी मदद वाले) और 11 राजकीय (पूरी तरह सरकारी) कॉलेज शामिल थे, जिन्होंने यूनिवर्सिटी की साख और क्वालिटी बढ़ाने का भरोसा दिलाया। विश्वविद्यालय के विकास की नई दिशा मिली- कुलपति
इस मौके पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने राज्यपाल का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनके सुझावों से यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को आगे बढ़ने का नया रास्ता मिला है। उन्होंने अंत में कहा कि राज्यपाल के नेतृत्व में हम सभी मिलकर शिक्षा के स्तर को और भी ज्यादा ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगे।
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