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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेसर्स चित्रा प्रकाशन प्रा लि को हाईस्कूल इंटरमीडिएट मीडिएट कक्षाओं के छात्रों के लिए गाइड व रिफरेंस बुक की खुले बाजार में बेचने की अनुमति दे दी है और कहा है कि याची के इस काम में माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव द्वारा 23फरवरी 26व 4अप्रैल 26 को जारी परिपत्र आड़े नहीं आयेगा। लेकिन याची को बोर्ड के नियंत्रण के अधीन शिक्षण संस्थानों में गाइड व रिफरेंस बुक की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।वह केवल खुले बाजार में ही बिक्री कर सकते हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार व बोर्ड से एक हफ्ते में याचिका पर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई की तिथि 5मई नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव तथा न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने मेसर्स चित्रा प्रकाशन की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। क्या है मामला जानिये याची का कहना है कि वह छात्रों के इस्तेमाल के लिए गाइड व रिफरेंस बुक प्रकाशित कर खुले बाजार में बेचता है।उसे ऐसा करने का मूल अधिकार अनुच्छेद 19(1)जी के अंतर्गत प्राप्त है।जिसपर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। किंतु बोर्ड के सचिव के परिपत्र से उसे बिक्री करने से रोका जा रहा है। बोर्ड के अधिवक्ता ने कहा कि बोर्ड ने खुले बाजार में गाइड बेचने से रोका नहीं है और न ही प्रतिबंधित किया है।वह इस आशय की अंडरटेकिंग देने को तैयार हैं। केवल छात्र हित में कालेज परिसर में बिक्री पर रोक लगाई गई है। कोर्ट की अनुमति से दो बार अंडरटेकिंग का हलफनामा दाखिल किया गया किंतु कोर्ट आदेश व बोर्ड अधिवक्ता के आश्वासन के अनुरूप हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। जिसपर कोर्ट ने याची को खुले बाजार में गाइड व रिफरेंस बुक की बिक्री की छूट दे दी है।
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