पंजाब में गेहूं खरीद सीजन पूरे जोर-शोर से जारी है। किसानों को फसल बेचने के 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। यह जानकारी राज्य के कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने जालंधर जिले के भोगपुर अनाज मंडी के दौरे के दौरान दी। मंत्री कटारूचक्क ने मंडी में खरीद प्रबंधों का जायजा लिया और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि राज्य की मंडियों में गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन 8 से 10 लाख मीट्रिक टन तक फसल पहुंच रही है। शनिवार को रिकॉर्ड 11 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में आया।
28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक अब तक प्रदेश भर में 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 24 लाख मीट्रिक टन की खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा चुकी है। भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। 647 करोड़ रुपए किसानों के खातों में जमा कराए कटारूचक्क ने बताया कि अब तक 647 करोड़ रुपए किसानों के खातों में जमा कराए जा चुके हैं। भुगतान प्रक्रिया को तेज रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मंत्री ने मजदूरों के हितों का भी उल्लेख किया। मजदूरी में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कटारूचक्क ने बताया कि सीजन के दौरान भारी मात्रा में बोरियों की संभाल को देखते हुए मजदूरी में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इस वर्ष राज्य सरकार का लक्ष्य 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का है। किसानों ने खरीद व्यवस्था पर संतोष जताया मंडी में मौजूद किसानों ने खरीद व्यवस्था पर संतोष जताया। किसान हरबंस सिंह ने बताया कि उनकी फसल तुरंत खरीदी गई और उन्हें समय पर भुगतान भी मिला। कटारूचक्क ने कहा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब ने खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाया है। बारदाने की कमी, भुगतान में देरी और लिफ्टिंग जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब देश का ‘अन्न भंडार’ है और राज्य बड़े स्तर पर खरीद कार्य सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है।
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