राजधानी रायपुर के भारत माता स्कूल इलाके में 200 KVA के ट्रांसफॉर्मर में अचानक आग लग गई। इस घटना के बाद इलाके की बिजली सप्लाई बंद हो गई। फिलहाल आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। तकनीकी टीम इसकी जांच कर रही है। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, बिजली विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। टीम ने ट्रांसफॉर्मर और अन्य उपकरणों की जांच शुरू कर दी है और बिजली सप्लाई को जल्द से जल्द बहाल करने का काम तेजी से जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही इलाके में बिजली आपूर्ति फिर से सामान्य कर दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में ओवरलोडिंग (ज्यादा बिजली लोड) को आग लगने की वजह माना जा रहा है। नॉर्थ ज़ोन के ईई रामकुमार साहू ने कहा कि गर्मियों में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इस कारण ओवरहीटिंग की स्थिति बनती है और आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। ओवरलोडिंग कितनी खतरनाक हो सकती है? 200 KVA का ट्रांसफॉर्मर अपनी तय क्षमता के अनुसार काम करता है। लेकिन अगर उस पर लगातार उसकी क्षमता से 20–30% ज्यादा लोड डाल दिया जाए, तो उसका तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। अगर ऐसी स्थिति में सही सुरक्षा या ठंडा करने की व्यवस्था ठीक नहीं हो, तो ट्रांसफॉर्मर में आग लगने का खतरा हो सकता है। ट्रांसफॉर्मर में आग लगने के संभावित कारण विशेषज्ञों के अनुसार ट्रांसफॉर्मर में आग लगने के पीछे ओवरलोडिंग के अलावा भी कई कारण हो सकते हैं, जिनकी जांच जरूरी होती है। इनमें ट्रांसफॉर्मर के अंदर ऑयल का ज्यादा गर्म होना या उसकी गुणवत्ता खराब होना शामिल है। इसके साथ ही अंदरूनी फॉल्ट या शॉर्ट सर्किट होने से भी आग लग सकती है। कई बार बुशिंग या कनेक्शन पॉइंट में स्पार्किंग होने की वजह से भी ऐसी घटना हो जाती है। इसके अलावा वोल्टेज में लगातार उतार-चढ़ाव और समय पर सही मेंटेनेंस न होना या पुराना उपकरण भी आग लगने का कारण बन सकता है।
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