गिरिडीह जिले के पारसनाथ पहाड़ी क्षेत्र में पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने उग्रवादियों की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। एक सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री से जुड़े उपकरण बरामद किए गए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण सफलता मिली। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार और सीआरपीएफ 154 बटालियन के कमांडेंट सुनील दत्त त्रिपाठी को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, पारसनाथ के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र कानीडीह, चतरो और जोकाई नाला के आसपास उग्रवादियों ने विस्फोटक सामग्री और हथियार छिपा रखे थे। इस सूचना में यह भी बताया गया था कि हाल ही में हजारीबाग जिले में पुलिस और उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार उग्रवादी मारे गए थे। इसके बाद उनके सहयोगी किसी बड़ी विध्वंसक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया इस गंभीर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। संयुक्त टीम ने पारसनाथ के दुर्गम और घने जंगली पहाड़ी इलाके में घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया। जोकाई नाला के पास संदिग्ध स्थानों की बारीकी से जांच की गई। इसी दौरान टीम को छिपाकर रखे गए 64 बंडल कोडेक्स वायर बरामद हुए। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस प्रकार के वायर का उपयोग आमतौर पर विस्फोटक उपकरणों को जोड़ने और विस्फोट करने में किया जाता है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि उग्रवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा इस बरामदगी के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि क्षेत्र में उग्रवादियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस सफल कार्रवाई से जहां एक ओर सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है, वहीं स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा को लेकर विश्वास मजबूत हुआ है।
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