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‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत डिग्गी थाना पुलिस ने शनिवार को फर्जी पटवारी बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा है। मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों के पास से 2 मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड, अलग-अलग बैंकों की पासबुक जब्त की है। कॉल डिटेल खंगालकर पहुंची पुलिस
कार्रवाई एसपी राजेश कुमार मीना के आदेश पर मालपुरा डीएसपी आशीष कुमार प्रजापत के मार्गदर्शन में और डिग्गी थाना प्रभारी गोपाल चौधरी के नेतृत्व में टीम ने की है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल ट्रांजैक्शन ट्रेल और सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण कर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस लगातार ऐसे खातों और व्यक्तियों की पहचान कर रही है जो साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे हैं। यह अभियान विशेष रूप से उन लोगों पर केंद्रित है जो अपने बैंक खाते या सिम कार्ड दूसरों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराते हैं। पटवारी बनकर लोगों को ठग रहे थे आरोपी
मालपुरा डीएसपी आशीष प्रजापत ने बताया कि 17 अप्रैल 2026 को NCRP पोर्टल पर प्राप्त एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ अज्ञात लोग स्वयं को पटवारी बताकर किसानों और आमजन से संपर्क कर रहे हैं। वे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं कृषि ऋण माफी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देते थे। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और साइबर सर्विलांस की मदद ली, जिससे आरोपियों की पहचान संभव हो सकी। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। डिग्गी थाना प्रभारी गोपाल चौधरी ने बताया कि सरकार ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल चालू किया है। इस पर कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी से जुड़ी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इस पोर्टल पर डिग्गी थाना क्षेत्र से गत दिनों शिकायत थी, पीड़ित राहुल चौधरी पुत्र गजानंद निवासी हाल जानकीपुरा के साथ साइबर क्राइम हुआ था। फेसबुक और इंस्टाग्राम से कलेक्ट करते थे जानकारी
मालपुरा डीएसपी आशीष प्रजापत ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से लोगों की जानकारी एकत्र करते थे। इसके बाद वे खुद को सरकारी कर्मचारी या पटवारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। आरोपी आमजन को यह विश्वास दिलाते थे कि वे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवा सकते हैं। इसके लिए वे विभिन्न बहाने बनाकर ऑनलाइन भुगतान की मांग करते थे। भुगतान के लिए यूपीआई, मोबाइल वॉलेट और बैंक ट्रांसफर जैसे माध्यमों का उपयोग किया जाता था। जैसे ही पीड़ित व्यक्ति पैसे ट्रांसफर करता, आरोपी संपर्क तोड़ देते थे और अपना मोबाइल नंबर बंद कर देते थे। आरोपियों के खिलाफ 29 ऑनलाइन शिकायत दर्ज
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी कई जिलों में सक्रिय थे। इनके खिलाफ टोंक जिले के विभिन्न थानों सहित कुल 29 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं। इनमें डिग्गी, झिराना, नगरफोर्ट, सदर टोंक, दत्तवास, घाड़, दूनी, पीपलू, उनियारा, बरोनी, बनेठा, मेहंदवास, देवली, फागी, रामगढ़ पचवारा, जवाहर नगर, तूंगा और नैनवां जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और बड़े पैमाने पर लोगों को अपना शिकार बना रहा था। मालपुरा पुलिस उपाधीक्षक आशीष प्रजापत ने बताया कि आरोपी रामकिशन बैरवा (22), निवासी बिठोला, थाना टोंक सदर और बंशीलाल बैरवा (37) है। दोनों आरोपी लंबे समय से इस प्रकार की ठगी में संलिप्त थे। इनपुट: दीपांशु पाराशर, डिग्गी।
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