गिरिडीह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बजटो-कुम्हरगढ़िया गांव में रविवार को फूड प्वाइजनिंग का बड़ा मामला सामने आया। देर रात बड़ी संख्या में बीमार लोग सदर अस्पताल पहुंचे। जहां इलाज के क्रम में 6 साल के मासूम रंजन कुमार( पिता राम किशोर वर्मा) की मौत हो गई। म
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देर रात की जिले के उपायुक्त रामनिवास यादव, एसडीओ श्रीकांत यशवंत विसपुते और एसडीपीओ जितवाहन उरांव सदर अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हालचाल जाना।
देर रात की जिले के उपायुक्त रामनिवास यादव, एसडीओ श्रीकांत यशवंत विसपुते और एसडीपीओ जितवाहन उरांव सदर अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हालचाल जाना। डॉक्टरों को समुचित इलाज का निर्देश दिया। इसी बीच गांव से मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा।
43 से अधिक बच्चे, महिलाएं और पुरुष अचानक बीमार
सदर अस्पताल में इलाज के बीच प्रशासन की टीम गांव पहुंची और स्थिति की जानकारी ली। जहां मिली जानकारी के अनुसार लोगों ने गांव में ही ठेले पर गोलगप्पा-छोला बेचने वाले से खरीद कर खाया था। जिस वजह से 43 से अधिक बच्चे, महिलाएं और पुरुष अचानक बीमार पड़ गए।

देर रात ही सदर अस्पताल में इलाज के बीच प्रशासन की टीम गांव पहुंची और स्थिति की जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार, सबसे पहले बच्चों ने गोलगप्पा-छोला खाया, जिसके कुछ ही देर बाद उन्हें उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते कई लोग इसकी चपेट में आ गए, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बेटे की मौत, मां और भाई की हालत गंभीर
फूड पॉइजनिंग के मामले में बजटो के रहने वाले रामकिशोर वर्मा की पत्नी रिंकी देवी(40), पुत्र रंजन कुमार(6) और पुत्र प्रिंस कुमार(11) ने एक साथ चाट और गुपचुप खाया था। तीनों मां-बेटे की स्थिति बिगड़ने पर रविवार की देर शाम तीनों को सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचते ही रंजन की मौत हो गई, जबकि उसकी मां रिंकी और भाई प्रिंस का इलाज अभी चल रहा है। तीन निजी अस्पताल में इलाजरत हैं। इधर, सुबह में बीडीओ गणेश रजक भी सदर अस्पताल पहुंचे। सभी लोगों का जायजा लिया।

घटना के बाद पुलिस ने संदिग्ध ठेला संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग को भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इनका सदन अस्पताल में चल रहा इलाज
अस्पताल में भर्ती मरीजों में शिवम कुमार (12), दिवाकर कुमार (12), मनिता कुमारी (13), अनुराधा कुमारी (10), जागृति देवी (19), प्रिंस कुमार (10), रिंकी देवी (40), सुजीत कुमार (16), प्रतीक कुमार (10), मधु कुमारी (17), बलराम प्रसाद वर्मा (32), रानी कुमारी (8), रेखा देवी (27), रिया कुमारी (11), कुमार बादल (12), हितेश कुमार (2), साक्षी कुमारी (6), सान्ध्य कुमारी (6), रवि कुमारी (8), प्रतिभा किरण (18), प्रति वर्मा (30), सौरभ कुमार (4), प्रेम कुमार वर्मा (7), माधुरी कुमारी (18), शिवनी वर्मा (10), जागृति कुमारी (13), आरोह कुमार वर्मा (5), अजय यादव (30), आर्यन कुमार (11), दीपक कुमार (3), सागर कुमार (5), अंकुश कुमार (7), अशोक कुमार (11), प्रेम कुमार (7), सलोनी वर्मा (12) और सहोद्री देवी (42) सहित अन्य शामिल हैं।

अस्पताल में भर्ती मरीजों में कई बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है।
ठेला संचालक हिरासत में, जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस ने संदिग्ध ठेला संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग को भी जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फूड प्वाइजनिंग के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। अस्पताल में भर्ती मरीजों में कई बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है।
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बताया जा रहा है कि शनिवार शाम गांव में एक ठेला विक्रेता गोलगप्पा और छोला बेचने आया था, जिसे बच्चों सहित कई लोगों ने खाया। रात तक सभी सामान्य थे, लेकिन रविवार सुबह अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…
