भागलपुर पुलिस ने पूर्णिया के सौरभ जायसवाल(22) हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। हत्या नशीले पदार्थों के कारोबार और गलत संगत के चलते हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सौरभ का संबंध नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह से था। गिरोह के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में रहता था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी गौरव और राजा ने बताया कि पार्टी के दौरान गलती से फायर हो गया, गोली सामने बैठे सौरभ के सीने में लग गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आदमपुर स्थित किराए के मकान से दो कट्टा, एक देसी पिस्तौल और 10 कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा 70 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप और अन्य आपत्तिजनक सामान भी मिला है। जोगसर थाना पुलिस के बयान पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें छह नामजद और एक अज्ञात आरोपी शामिल है। आरोपियों में अनुराग की प्रेमिका भी शामिल है। घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज का डीवीआर पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामले की जांच जारी है। अनुराग की बर्थडे पार्टी में शराब-चरस आदमपुर जहाज घाट रोड स्थित एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी के मकान में अनुराग ठाकुर किराए पर रहता था। उसने दो कमरों का फ्लैट लिया हुआ था। शनिवार को उसका जन्मदिन था। शुक्रवार देर रात करीब एक बजे फ्लैट पर पार्टी शुरू हुई। पार्टी में सौरभ समेत छह युवक और अनुराग की प्रेमिका मौजूद थी। शराब के साथ चरस का भी सेवन किया जा रहा था। सभी नशे में थे। आरोप है कि अनुराग के हाथ में लोडेड हथियार था, जिससे अचानक गोली चल गई और सौरभ के सीने में जा लगी। इसके बाद पांच युवक सौरभ को अस्पताल ले गए। पहले उसे मायागंज लाया गया, जहां से गंभीर स्थिति में रेफर कर दिया गया। निजी अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी शव को मायागंज अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस के बुलाने पर गौरव और राजा अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें हिरासत में ले लिया गया। खुद को जमीन कारोबारी बताता था मकान मालिक ने बताया कि अनुराग पिछले दो वर्षों से यहां रह रहा था। उसके साथ राजन और गौरी भी रहता था। उसने खुद को जमीन का कारोबारी बताया था। उस पर कभी शक नहीं हुआ। 15 घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा गौरव और राजा ने पुलिस को करीब 15 घंटे तक गुमराह किया। पहले राजा ने बताया था कि पूर्णिया से लौटते समय जगतपुर के पास अज्ञात बाइक सवारों ने लूट के इरादे से सौरभ को गोली मार दी। इस सूचना के आधार पर नवगछिया पुलिस पूरे दिन जांच में जुटी रही और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी भी की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तकनीकी जांच और कॉल डिटेल से भी जानकारी नहीं मिल पाई। इसके बाद परबत्ता थाना पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें आरोपियों ने सच कबूल किया कि घटना जोगसर में ही हुई थी। इसके बाद शनिवार रात करीब 10 बजे पुलिस टीम ने जोगसर में छानबीन शुरू की।
Source link
