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जोधपुर में गोल्ड लोन ट्रांसफर कराने के नाम पर बैंक से 8 लाख रुपए की धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। शातिर ठग सुनील विश्नोई दो साल से फरार था। जोधपुर पूर्व डीसीपी मनीष कुमार ने बताया- 22 मार्च 2024 को सीएसबी बैंक सरदारपुरा के मैनेजर यशपाल खन्ना ने थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट के अनुसार- एक ग्राहक ने उनकी शाखा में आकर अपना नाम सुनील बताया और लोन ट्रांसफर के लिए बैंक कर्मचारी नीतू चौधरी से संपर्क किया। उसने कर्मचारी को झांसा दिया कि उसने आईआईएफएल शाखा मंडोर रोड से 3 गोल्ड लोन ले रखे हैं, जिन्हें वह सीएसबी बैंक की शाखा में ट्रांसफर करवाना चाहता है। बैंक के 8 लाख खाते में डलवाए, सोना लेकर फरार बैंक कर्मचारियों ने प्रक्रिया शुरू की और ग्राहक (आरोपी) के कहने पर उसके बैंक अकाउंट से IIFL गोल्ड लोन शाखा (मंडोर मंडी) के खाते में तीन अलग-अलग किस्तों में 95 हजार 250 रुपए, 2 लाख 92 हजार 500 रुपए और 4 लाख 50 हजार रुपए (कुल 8 लाख 37 हजार 750 रुपए) ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद बैंक के दो अधिकारी नीतू चौधरी और रवि ग्राहक के साथ IIFL शाखा मंडोर रोड गए। वहां पहुंचते ही आरोपी सुनील बैंक का सारा सोना लेकर वहां से रफूचक्कर हो गया। इस घटना पर पुलिस ने वर्ष 2024 में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीसीटीवी और बैंक रिकॉर्ड से खुला राज, किराये के मकान से गिरफ्तारी घटना के बाद गठित पुलिस की विशेष टीम में एएसआई सुरेशचंद मीणा, कॉन्स्टेबल पारस और सुरेश ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। वहीं संबंधित बैंकों से रिकॉर्ड प्राप्त किया। पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान ओसियां (जोधपुर ग्रामीण) के भीलसागर (काकड़ों की ढाणी) निवासी सुनील विश्नोई (27) पुत्र मनोहर लाल के रूप में की। पुलिस टीम ने मास्टरमाइंड को मंडोर थाना क्षेत्र के सुरपुरा डैम रोड (सालासर नगर) स्थित एक किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे लूटे गए माल (सोने) की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
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