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आईआईटी जोधपुर की जयपुर-जैसलमेर में नए कैंपस खोलने की योजना: समारोह में शामिल होंगे मुख्य सचिव, आईआईटी की उपलब्धियों की दी जाएगी जानकारी – Jodhpur News

आईआईटी जोधपुर की जयपुर-जैसलमेर में नए कैंपस खोलने की योजना:  समारोह में शामिल होंगे मुख्य सचिव, आईआईटी की उपलब्धियों की दी जाएगी जानकारी – Jodhpur News

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस बनाने जा रहा है। इसमें प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए गए हैं। साथ ही अपने नए कैंपस खोलकर विस्तार की योजना पर भी कार्य कर रहा है। आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर डॉक्टर अविनाश अग्रवाल ने आईआईटी की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से बताया- जैसलमेर और जयपुर में नए परिसरों की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र और राज्य सरकार को भेजा गया है। नए कैंपस का खोलने की योजना आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर डॉक्टर अविनाश अग्रवाल ने कहा- संस्थान अब डिफेंस, रिसर्च और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है। इसी दिशा में जैसलमेर और जयपुर में नए परिसरों की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र और राज्य सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में यदि अत्याधुनिक लैब स्थापित होगी तो छात्र कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में शोध कर देश के लिए नई तकनीकों का विकास कर सकते हैं। खासकर रक्षा क्षेत्र में नवाचार की बड़ी संभावनाएं हैं। वहीं जयपुर में विस्तार से शैक्षणिक और औद्योगिक समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। जयपुर की कनेक्टिविटी भी जोधपुर से बेहतर है। फिलहाल ये प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन हैं और संस्थान को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन्हें स्वीकृति मिल सकती है। विज्ञान को लेकर बच्चों के मन में हो उत्सुकता अग्रवाल ने बताया कि प्रतिबद्धता दिवस से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर सरकार की प्राथमिकताओं को समझते हुए भविष्य की दिशा तय करने पर फोकस कर रहा है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर देश के बच्चों को अपनी ओर आकृषित करने के साथ ही नए कोर्स शुरू करना चाहता है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा- राजस्थान की परिपेक्ष्य को देखते हुए जहां बच्चे विज्ञान को लेकर कम जागरूक हैं। बच्चों के मन में विज्ञान को लेकर उत्सुकता होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक राजस्थान के बच्चे आईआईटियन बन सकें।



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