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राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने शनिवार को नगरीय निकायों के कर्मचारियों के लिए ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का सख्त निर्देश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को वेतन केवल उनके ‘सार्थक कार्य’ के आधार पर ही मिलेगा। यह निर्देश शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने राजगढ़ और ब्यावरा निकायों में इस व्यवस्था के पालन में लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पिछले दो माह के वेतन बिल और उनसे जुड़ी सभी फाइलें तलब की हैं। इससे संकेत मिलता है कि मामले की जांच कर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
गर्मी के मौसम को देखते हुए, कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में पानी की कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत कुओं और बावड़ियों की नियमित सफाई तथा रंगाई-पुताई सुनिश्चित करने को भी कहा गया। स्वच्छता सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए, डॉ. मिश्रा ने पिछले साल कम अंक वाले मापदंडों पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार निकायों का प्रदर्शन बेहतर होना चाहिए और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सब इंजीनियरों को नोटिस मिलेंगे
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में धीमी प्रगति पर भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। ब्यावरा, पचोर और सारंगपुर के सब इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजनाओं में देरी से आम लोग प्रभावित होते हैं, इसलिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस समीक्षा बैठक में जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने संकेत दिया है कि अब नगरीय निकायों के कामकाज की निगरानी और जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी।
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