पानीपत शहर की पुरानी शुगर मिल के पास रविवार सुबह एक रिक्शा ड्राइवर भीषण हादसे का शिकार हो गया। सड़क किनारे फेंकी गई गर्म राख पर पैर पड़ते ही रिक्शा ड्राइवर के दोनों पैर और एक हाथ बुरी तरह झुलस गया। आनन-फानन में घायल को जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे का शिकार हुए शिव नगर निवासी महबूब ने बताया कि वह पेशे से रिक्शा ड्राइवर हैं। रविवार सुबह वह अपना रिक्शा लेकर पुराना शुगर मिल की ओर जा रहे थे। आगे जाकर वह शौच के लिए रूके। वह रिक्शा को सड़क किनारे खड़ाकर पास ही खाली जगह की ओर चले गए। महबूब ने बताया कि वहां सड़क किनारे एक गड्ढा था, जो ऊपर से नॉर्मल दिख रहा था। लेकिन उसके अंदर मिल की गर्म राख भरी हुई थी। उसने ध्यान नहीं दिया और राख को सामान्य मिट्टी समझकर उस पर पैर रख दिया। बाहर निकलने की कोशिश में हाथ भी झुलसा महबूब ने बताया कि राख इतनी गर्म थी कि पैर रखते ही उसके दोनों पैर घुटनों तक बुरी तरह झुलस गए। असहनीय दर्द के कारण जब उन्होंने खुद को राख से बाहर निकालने की कोशिश की और सहारा लेने के लिए हाथ जमीन पर रखा, तो उनका एक हाथ भी गर्म राख में झुलस गया। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। पैरों में गहरे जख्म, संक्रमण का खतरा घायल महबूब को तुरंत एम्बुलेंस की मदद से पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, पैरों में गहरे जख्म हुए हैं और संक्रमण का खतरा बना हुआ है, इसलिए उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। लापरवाही पर उठे सवाल इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर गर्म राख फेंकने की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शुगर मिल की राख को इस तरह खुले में फेंकना राहगीरों और जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसा कोई और हादसा न हो।
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