बरनाला जिले के पंधेर गांव में रविवार को मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब की स्थानीय इकाई ने कथित झूठे पुलिस केसों के विरोध में एक विशाल रोष रैली का आयोजन किया। इस रैली में बड़ी संख्या में मजदूर परिवारों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और स्थानीय विधायक लाभ सिंह उगोके का पुतला भी जलाया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में झंडे और बैनर लेकर ‘इंसाफ दो’ और ‘झूठे केस वापस लो’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की।सभा को संबोधित करते हुए मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष गोबिंद सिंह छाजली ने कहा कि बेगुनाह मजदूर परिवारों पर दर्ज किए गए मामले गलत हैं और यह प्रशासन की विफलता को दर्शाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि असली दोषियों के खिलाफ उचित धाराएं नहीं लगाई गईं और न ही एससी/एसटी एक्ट के तहत कोई ठोस कार्रवाई हुई। छाजली ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो उनका संघर्ष और तेज किया जाएगा। पुलिस पर पैसा वापस नहीं करने का आरोप प्रदर्शनकारी मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि जेल भेजे जाने के दौरान जामा तलाशी के समय पुलिस द्वारा लिए गए पैसे उन्हें वापस नहीं किए गए। उन्होंने इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। गांव इकाई के प्रधान कुलदीप सिंह, सचिव गुरप्रीत सिंह, अमृतपाल कौर और पालो कौर सहित कई वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल पंधेर गांव की नहीं, बल्कि हर उस मजदूर की है जिसके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। सभा के अंत में नेताओं ने घोषणा की कि 14 मई को एसएसपी कार्यालय बरनाला के सामने एक बड़ा प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। उन्होंने सभी मजदूरों, किसानों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि प्रशासन पर दबाव बनाकर न्याय हासिल किया जा सके।
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