चंडीगढ़ शहर में लंबे समय से अटके मॉडर्न स्लॉटर हाउस (कसाईखाना) के प्रोजेक्ट को आखिरकार नगर निगम ने हरी झंडी दे दी है। निगम की जनरल हाउस मीटिंग में इस मल्टी-स्पीशीज प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई। इस नए और आधुनिक स्लॉटर हाउस पर करीब नौ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं एक दिन में 60 हजार मुर्गों की प्रोसेसिंग होगी। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में अभी जो स्लॉटर हाउस चल रहा है, वह करीब 24 साल पुराना है। निगम का कहना है कि मौजूदा ढांचा अब पुराने ढर्रे पर चल रहा है और पर्यावरण के नियमों पर खरा नहीं उतर रहा। नए प्रोजेक्ट में सब कुछ मशीनों से होगा। इसमें जानवरों को बेहोश करने (स्टनिंग) से लेकर साफ-सफाई तक के लिए लेटेस्ट मशीनें लगाई जाएंगी। वेस्ट से भी होगी कमाई इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि यहां गंदगी को ठिकाने लगाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम होगा। कचरे से खाद बनाई जाएगी और बाय-प्रोडक्ट्स को प्रोसेस कर इस्तेमाल के लायक बनाया जाएगा। गंदे पानी को साफ करने के लिए एक बड़ा ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) भी लगेगा, ताकि शहर की सीवरेज लाइन में प्रदूषित पानी न जाए। पड़ोसी राज्यों से आएगा कच्चा माल इस स्लॉटर हाउस के लिए माल सिर्फ चंडीगढ़ से ही नहीं, बल्कि पंजाब और हरियाणा के शहरों से भी मंगवाया जाएगा। टेंडर अलॉट होने के बाद इसे तैयार करने में 24 से 30 महीने का वक्त लगेगा।
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