नगर निगम चुनाव में वार्ड 19 और वार्ड 20 इस बार खास चर्चा में हैं। दोनों वार्डों में जातीय और सामुदायिक समीकरण जहां चुनावी रणनीति तय कर रहे हैं, वहीं स्थानीय समस्याएं भी मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकती हैं। दोनों वार्डों में इस बार मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। जहां वार्ड 19 में सैनी और मुस्लिम वोटरों का संतुलन परिणाम तय कर सकता है, वहीं वार्ड 20 में राजपूत वोटरों का झुकाव अहम रहेगा। दैनिक भास्कर ऐप ने दोनों वार्ड के लोगों से बातचीत की तो सामने आया कि स्थानीय समस्याएं जैसे सफाई, सीवरेज और सड़कें भी वोटिंग पैटर्न को प्रभावित कर सकती हैं। नगर निगम चुनाव में इन वार्डों के नतीजे यह भी तय करेंगे कि मतदाता जातीय समीकरण को प्राथमिकता देते हैं या विकास के मुद्दों को। वार्ड 19 में सैनी-मुस्लिम वोटरों का दबदबा पिछली बार जीता था BJP कैंडिडेट : पंचकूला शहर के वार्ड 19 में रामगढ़, बिल्ला, जसवंतगढ़, दबकौरी, माणक्या व भानू गांव एरिया आता है। वार्ड 19 में सैनी व मुस्लिम वोटरों का दबदबा है। जिसके चलते BJP ने यहां से हिंदु मनीषा रानी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय की नजमा को अपना प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार यहां से निर्दलीय परमजीत कौर ने 691 वोटों से जीत दर्ज की थी। वार्ड में 5012पुरूष तथा 4520 महिला व मतदाता हैं। टूटी गलियां व सफाई बड़ा मुद्दा : वार्ड 19 के मुर्शिद रजा ने बताया कि नाले की समस्या है। नाले की सफाई नहीं हो पाती, जिसके कारण बारिश के दिनों में पानी खड़ा हो जाता है। वहीं लावारिस पशुओं व कुत्तों का बड़ा मुद्दा है। जिनके कारण महिलाओं व बच्चों को ज्यादा दिक्क्त आती है। वार्ड-20: राजपूत-ब्राह्मण बाहुल्य 512 वोट से जीता था BJP ने पिछला चुनाव : पंचकूला शहर के वार्ड-20 में कोट खंगेसरा, टोका, अलीपुर, सुखदर्शनपुर, नग्गल, जलौली व खतौली गांव का एरिया आता है। वार्ड राजपूत-ब्राह्मण वोटर बाहुल्य है । BJP ने यहां से राजपूत चेहरे गौतम राणा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने यहां से राजपूत विकास राणा को अपना प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार वार्ड 20 से कांग्रेस के सलीम दबकौरी ने 718 वोट से जीत दर्ज की थी। वार्ड में 4877 पुरूष तथा 4443 महिला मतदाता हैं। सीवरेज ब्लॉकेज बड़ा मुद्दा : वार्ड 20 निवासी बबली ने बताया कि गली में स्ट्रीट लाइट खराब हैं, जिसके ठीक नहीं किया जा रहा है। गली अभी तक बनाई नहीं गई है तथा सफाई वाला कोई नहीं आता। कोट गांव में सड़क अधूरी पड़ी है, जिसके कारण लोगों की बड़ी परेशानी आ रही है।
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