उत्तर छत्तीसगढ़ में लगातार छाए बादल मंगलवार शाम और रात कई इलाकों में जमकर बरसे। हालांकि संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में पिछले 24 घंटे में केवल 5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अन्य कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। बारिश के कारण रामानुजगंज में कन्हर नदी मई महीने में ही उफान पर है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी कई इलाकों में बारिश की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ के साथ सक्रिय सिस्टम के कारण पिछले एक सप्ताह से बादल छाए हुए हैं और अलग-अलग इलाकों में बारिश हो रही है। लगातार बादल और बारिश के कारण मई के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी और लू से राहत मिली है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी उदयपुर और बलरामपुर के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। रामानुजगंज में उफान पर कन्हर बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में बारिश के बाद कन्हर नदी पूरी तरह भर गई है। इसी नदी से रामानुजगंज नगर पालिका क्षेत्र में पानी की सप्लाई होती है। एक सप्ताह पहले तक नदी पूरी तरह सूख गई थी और मवेशियों के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं था। नगर पालिका ने पेयजल आपूर्ति के लिए गड्ढे खुदवाए थे और सप्लाई को सीमित करना पड़ा था। सोमवार और मंगलवार को बलरामपुर के कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश के बाद कन्हर नदी लबालब हो गई है। स्टॉप डेम के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। आम तौर पर कन्हर नदी का एनिकट जून के दूसरे सप्ताह में भरता है, लेकिन इस बार मई में ही यह भर गया है। सरगुजा के कई इलाकों में बारिश मंगलवार शाम और रात उदयपुर, लखनपुर सहित कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। बारिश के साथ कई स्थानों पर गाज भी गिरे हैं। बारिश और आंधी के कारण कई इलाकों की बिजली सप्लाई भी बाधित हुई, हालांकि कहीं से बड़े नुकसान की खबर नहीं है। मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार पिछले 24 घंटे में संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में मात्र 5 मिलीमीटर बारिश हुई है, लेकिन अन्य इलाकों में खासी बारिश रिकार्ड की गई है। बारिश और बादल छाए रहने के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। पिछले 24 घंटे में अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री और मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ठ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के साथ नए सिस्टम के सक्रिय रहने के कारण यह स्थिति बनी है। आगामी चार दिनों तक भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने के साथ बारिश भी हो सकती है। बारिश से सब्जी की फसलों को फायदा बेमौसम बारिश से गन्ना,आम, लिची और सब्जी वर्गीय फसलों को फायदा हुआ है। हालांकि ज्यादा बारिश हुई तो तरबूज के किसानों को कुछ नुकसान हो सकता है। आम और लिची की फसलों को भी बारिश से फायदा हुआ है। इस साल संभाग में आम की बंफर पैदावार है।
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