पंजाब में शंभू के पास रेलवे लाइन पर धमाका करने के बाद अब जालंधर व अमृतसर में एक ही दिन में मिलिट्री कैंपों के बाहर दो धमाके हो गए। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने लगातार हो रहे धमाकों पर राज्य सरकार को घेरा है। बिट्टू ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह से असफल है। बिट्टू का आरोप है कि सरकार ब्लास्ट जैसी घटनाओं को रोकने में तो नाकाम है ही साथ ही सरकार उसे कवरअप करने में जुट गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महज एक सप्ताह के भीतर शंभू, जालंधर और अब अमृतसर में हुए लगातार विस्फोटों ने राज्य के लोगों के मन में भय पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा, “यह बेहद चिंताजनक है कि सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद सुरक्षा तंत्र इतना ढीला है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।” बिट्टू ने विशेष रूप से अमृतसर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों में ऐसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब की छवि खराब कर रही हैं। कार्रवाई के बजाय ‘कवर-अप’ कर रही सरकार रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि सरकार सच सामने लाने के बजाय इन घटनाओं को दबाने या उन्हें ‘कवर-अप’ करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि रेलवे लाइनों और मिलिट्री बेस जैसे रणनीतिक स्थानों के पास होने वाले ये हमले केवल स्थानीय अपराध नहीं हैं, बल्कि यह सीधा राष्ट्रीय सुरक्षा का संकट है। इसलिए सरकार इन्हें गंभीरता से ले और जांच करवाकर सच सामने लाए। खासा ब्लास्ट के CCTV फुटेज ने खोली पोल अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि खासा में हुए विस्फोट के CCTV फुटेज ने पंजाब सरकार के खोखले दावों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के घरों की दीवारें हिल गईं और पूरे इलाके में दहशत फैल गई, फिर भी सरकार और डीजीपी कह रहे हैं कि सब कुछ नियंत्रण में है। पहले जालंधर विस्फोट को “स्कूटी में आग लगने” की घटना बताकर दबा दिया गया था। अब एक के बाद एक सामने आ रहे CCTV फुटेज सरकार के सुरक्षा दावों की पोल खोल रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि दोनों धमाके बीएसएफ (BSF) प्रतिष्ठानों, सेना और अर्धसैनिक बलों के संवेदनशील क्षेत्रों के पास हुए। भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित एक संवेदनशील राज्य के लिए यह कोई छोटी चूक नहीं, बल्कि सुरक्षा और खुफिया तंत्र के पूरी तरह ध्वस्त होने का संकेत है।
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