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विनेश फोगाट को डोपिंग एजेंसी का नोटिस: बेंगलुरु में टेस्ट के लिए नहीं मिलीं, 12 महीने में पहली बार ‘लोकेशन’ फेल

विनेश फोगाट को डोपिंग एजेंसी का नोटिस:  बेंगलुरु में टेस्ट के लिए नहीं मिलीं, 12 महीने में पहली बार ‘लोकेशन’ फेल

10 से 12 मई के बीच गोंडा में होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से पहले विनेश फोगाट को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस डोपिंग टेस्ट के लिए तय समय और स्थान पर मौजूद नहीं रहने के कारण दिया गया है। पिछले 12 महीनों में यह उनकी पहली ऐसी गलती है। हालांकि, इस चेतावनी का उनके आगामी टूर्नामेंट में भाग लेने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन नियमों के अनुसार, अगर भविष्य में ऐसी दो और चूक होती हैं, तो उन पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। 18 दिसंबर को टेस्ट के लिए पहुंची टीम, बेंगलुरु में नहीं मिलीं विनेश फोगाट इंटरनेशनल टेस्टिंग एंजेसी के नोटिस के मुताबिक, मामला 18 दिसंबर 2025 का है। डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर (DCO) विनेश फोगाट के बताए बेंगलुरु पते पर पहुंचे थे, लेकिन वे 60 मिनट के तय टाइम स्लॉट में वहां मौजूद नहीं थीं। नियम के अनुसार, ‘रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल’ में शामिल खिलाड़ियों को रोज एक घंटा ऐसा बताना होता है, जब वे बिना नोटिस टेस्ट के लिए उपलब्ध रहें। उस समय विनेश वहां नहीं मिलीं, जिसे नियम का उल्लंघन माना गया 20 महीने बाद अखाड़े में वापसी विनेश फोगाट करीब 20 महीने बाद एक बार फिर कुश्ती के अखाड़े में वापसी करने जा रही हैं। उन्होंने पेरिस ओलिंपिक के बाद कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया था, लेकिन कुछ महीनों बाद वापसी की घोषणा कर दी। एशियन गेम्स ट्रायल के लिए आखिरी मौका जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच होने वाले एशियन गेम्स के ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए यह विनेश के पास आखिरी मौका है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के नियमों के मुताबिक एशियन गेम्स ट्रायल में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना जरूरी है। चूंकि नेशनल चैंपियनशिप पहले ही हो चुकी है, इसलिए अब विनेश को नेशनल रैंकिंग चैंपियनशिप में पदक जीतकर ट्रायल के लिए क्वालिफाई करना होगा विनेश की सफाई: ‘विधानसभा सत्र और बच्चे की वजह से अपडेट नहीं कर पाई लोकेशन’ विनेश को 5 जनवरी 2026 को इस बारे में सूचित किया गया था, जिसका जवाब उन्होंने 19 जनवरी को दिया। विनेश ने बताया कि वे उस दिन हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में हिस्सा लेने के लिए बेंगलुरु से चंडीगढ़ गई थीं। उन्होंने अपनी नई पारिवारिक जिम्मेदारियों और हाल ही में हुए बच्चे के जन्म का भी हवाला दिया। विनेश ने कहा कि व्यस्तता के कारण वे अपनी लोकेशन अपडेट नहीं कर पाईं। एजेंसी ने दलील ठुकराई: ‘SMS और ऐप से जानकारी देना खिलाड़ी की जिम्मेदारी’ ITA ने विनेश की दलील को नाकाफी माना है। एजेंसी ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर उनकी व्यस्तता हम समझते हैं, लेकिन डोपिंग नियमों का पालन करना पूरी तरह खिलाड़ी की जिम्मेदारी है। नोटिस में कहा गया कि विनेश के पास SMS, ईमेल या मोबाइल ऐप के जरिए लोकेशन अपडेट करने के कई रास्ते थे, जिनका उन्होंने उपयोग नहीं किया। एजेंसी ने विनेश को इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 7 दिन का समय दिया है। क्या है नियम? वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) के नियमों के मुताबिक, अगर कोई खिलाड़ी 12 महीने के भीतर 3 बार अपनी लोकेशन बताने में फेल होता है या टेस्ट के लिए मौजूद नहीं रहता, तो इसे ‘एंटी डोपिंग रूल वायलेशन’ माना जाता है। इसमें खिलाड़ी पर 2 साल तक का प्रतिबंध लग सकता है। विनेश के केस में यह अभी पहली गलती है, इसलिए उन्हें केवल चेतावनी दी गई है।



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