उदयपुर में पार्किंग की पुरानी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए शुक्रवार को शहर के आला अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बड़ा कदम उठाया। शहर विधायक ताराचंद जैन, कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एसपी डॉ. अमृता दुहन और निगम कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने सुबह-सुबह सड़कों पर उतरकर उन जगहों का जायजा लिया, जहां नई पार्किंग बनाई जा सकती है। प्रशासन की इस सक्रियता का सबसे बड़ा फायदा उन पर्यटकों और स्थानीय लोगों को होगा, जो अंदरूनी शहर में जाम और पार्किंग की किल्लत से जूझते हैं। इस दौरे की शुरुआत रानी रोड स्थित राजीव गांधी उद्यान से हुई। यहां पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है, लेकिन गाड़ियां खड़ी करने की जगह नहीं है। विधायक ताराचंद जैन ने अधिकारियों को पास की ही एक निजी जमीन दिखाई और सुझाव दिया कि यहां पार्किंग डेवलप की जा सकती है। विधायक ने मौके पर ही जमीन के मालिक से बात कर सहमति बनाने की कोशिश की ताकि जल्द काम शुरू हो सके। इसके बाद अधिकारियों का दस्ता ब्रह्मपोल मस्जिद के सामने पहुंचा। यहां नगर निगम ने हाल ही में करोड़ों की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। विधायक ने कहा कि इस खाली जमीन पर दोबारा कब्जा होने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका यहां मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाना है। इससे जमीन का सही इस्तेमाल होगा और आसपास के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने तुरंत यूडीए और निगम के इंजीनियरों को इसकी डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए। टीम ने अंबामाता मंदिर और अंबापोल पंप हाउस के पास भी संभावनाओं को देखा। विधायक ने सुझाव दिया कि पंप हाउस की तरफ जाने वाले रास्ते को चौड़ा किया जाए। इससे गाड़ियां मंदिर के सामने से अंदर जाएंगी और पंप हाउस के सामने वाली वाटिका से बाहर निकल सकेंगी। इसके बाद सभी अधिकारी पैदल चलकर चांदपोल गेट पहुंचे और वहां पहले से चल रही लिफ्ट वाली पार्किंग को देखा कि कैसे गाड़ियों को मशीन के जरिए ऊपरी मंजिल पर पार्क किया जाता है। दौरे का आखिरी पड़ाव कोर्ट चौराहा था। यहां वकीलों और कोर्ट आने वाले लोगों को पार्किंग के लिए सबसे ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। बार अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने खान विभाग के पुराने परिसर में पार्किंग बनाने का प्रस्ताव रखा। कलेक्टर और विधायक ने अंदर जाकर पूरी जगह देखी और यूडीए इंजीनियरों को कहा कि वे खान विभाग की इस जमीन पर पार्किंग विकसित करने की संभावनाओं पर आज से ही काम शुरू करें। इस मौके पर एएसपी उमेश ओझा और स्मार्ट सिटी के इंजीनियर भी साथ रहे।
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