डीडवाना में राष्ट्रीय किसान महासभा की मकराना तहसील इकाई ने किसानों की लंबित मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने वर्ष 2023 के बकाया फसल बीमा क्लेम का भुगतान जल्द कराने और वर्ष 2025 में हुए फसल नुकसान के गलत सर्वे पर नाराजगी व्यक्त की। ज्ञापन में बताया गया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में जिले के लगभग 80 प्रतिशत गांवों में नुकसान को शून्य दर्शाया गया है। किसान नेताओं ने इसे जमीनी हकीकत की अनदेखी बताते हुए प्रशासन से दोबारा निष्पक्ष और पारदर्शी सर्वे कराने की मांग की। राष्ट्रीय किसान महासभा की मकराना तहसील अध्यक्ष नानूराम डूडी ने कहा कि किसान लंबे समय से अपने हक की बीमा राशि का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक संकट के बीच फसल बीमा क्लेम किसानों के लिए बड़ी राहत प्रदान कर सकता है। डूडी ने प्रशासन से लंबित फाइलों का शीघ्र निस्तारण कर मुआवजा राशि किसानों के खातों में जमा कराने की मांग की। महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगें रखीं। इनमें वर्ष 2023 का लंबित फसल बीमा क्लेम तुरंत जारी करना, वर्ष 2025 में हुए फसल नुकसान का दोबारा निष्पक्ष सर्वे कराना और जिन गांवों में शून्य प्रतिशत नुकसान दर्शाया गया है, वहां पुनर्मूल्यांकन कर किसानों के क्लेम बनाना शामिल है। इसके साथ ही, भविष्य में विसंगतियों से बचने के लिए सर्वे प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग भी की गई। ज्ञापन सौंपते समय नानूराम डूडी के साथ पूर्णराम भाकर, मोतीराम भाकर, ज्ञानाराम, कानाराम, हीरालाल और भंवरलाल गुर्जर सहित कई किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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