मेक्सिको में एक कॉन्सर्ट के दौरान भीषण आग लगने से कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा फेयरग्राउंड इसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक आग कॉन्सर्ट के दौरान लगी। कुछ ही मिनटों में लपटों ने स्टेज और आसपास बने अस्थायी ढांचों को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग तेजी से फैलने की वजह से लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। स्थानीय अधिकारियों ने 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। कई अन्य लोगों के घायल होने की आशंका है। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आग बुझाने के लिए कई फायर यूनिट्स और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या स्टेज इक्विपमेंट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें फेयरग्राउंड के बड़े हिस्से को आग की लपटों में घिरा देखा जा सकता है। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इजराइल में हंतावायरस का पहला मामला: पूर्वी यूरोप यात्रा से संक्रमण की आशंका, मरीज स्थिर इजराइल में हंतावायरस संक्रमण का एक दुर्लभ मामला सामने आया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति को पूर्वी यूरोप यात्रा के दौरान वायरस लगा हो सकता है। मरीज की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है और उसे मेडिकल निगरानी में रखा गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मरीज में वायरल संक्रमण जैसे लक्षण दिखने के बाद जांच की गई। शुरुआती एंटीबॉडी टेस्ट में वायरस के संपर्क की पुष्टि हुई। बाद में पीसीआर टेस्ट में हंतावायरस का जेनेटिक मटेरियल मिलने के बाद संक्रमण कन्फर्म हुआ। अधिकारियों ने कहा कि मरीज को ICU या सख्त आइसोलेशन की जरूरत नहीं है। मामले की जानकारी इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय को दे दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मरीज में यूरोपीय स्ट्रेन का संक्रमण मिला है, जो दक्षिण अमेरिका में फैलने वाले ज्यादा खतरनाक Andes strain से अलग है। करीब 10 साल पहले भी कुछ इजराइली नागरिकों में दक्षिण अमेरिका यात्रा के दौरान हंटावायरस संक्रमण की आशंका जताई गई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिकी CDC समेत कई एजेंसियां हालात पर नजर रख रही हैं। संभावित संक्रमित यात्रियों की ट्रेसिंग की जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों ने कहा है कि आम लोगों के लिए फिलहाल जोखिम कम है।
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