कोरबा जिले में नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक जारी रहेगा, जिसकी थीम “सही दवा, शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” है। इस अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जिले के अलग-अलग गुपचुप सेंटर, गन्ना जूस सेंटर, डेयरी दुकान और राशन दुकानों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के क्रम में करतला क्षेत्र से चावल, नमक और शक्कर के नमूने एकत्र किए गए। इसी तरह, जेलगांव स्थित केडिया ब्रदर्स से मिक्सचर का नमूना लिया गया। मेन रोड कोरबा स्थित श्री चन्द मार्केटिंग फर्म से धनिया पाउडर और मिर्च पाउडर के नमूने संग्रहित किए गए। हॉस्पिटल कैंटीन से चावल-दाल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए इसके अलावा 100 बेड हॉस्पिटल की कैंटीन से भी चावल और दाल के नमूने लेकर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। खाद्य प्रतिष्ठानों को स्वच्छता और सुरक्षा के निर्देश जारी इनमें लाइसेंस को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना, परिसर में साफ-सफाई बनाए रखना, एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री न करना शामिल है। साथ ही, नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल कराने और कर्मचारियों का मेडिकल जांच कराने के निर्देश भी दिए गए। नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है। एक्सपायरी डेट और FSSAI लाइसेंस जांचने की अपील नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकिंग, एक्सपायरी डेट और FSSAI लाइसेंस नंबर की जांच अवश्य करें। यह विशेष जांच अभियान 11 मई 2026 तक पूरे जिले में जारी रहेगा।
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