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पटना में मदर्स-डे पर 24 मांओं का सम्मान: 14 सुपर-10 सिंगल मॉम्स को अवॉर्ड मिला, जानिए उनके संघर्ष की कहानी – Patna News

पटना में मदर्स-डे पर 24 मांओं का सम्मान:  14 सुपर-10 सिंगल मॉम्स को अवॉर्ड मिला, जानिए उनके संघर्ष की कहानी – Patna News

पटना में मदर्स डे के अवसर पर रविवार को एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जन भारत शिक्षा स्माइल फाउंडेशन और जेबी एचआर इनोवेशन्स सर्विसेज द्वारा सैफायर हॉल में सिंगल मदर्स और सुपर मॉम्स को सम्मानित किया गया। इन माताओं को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया गया। यह सम्मान उन सिंगल मदर्स को दिया गया, जिन्होंने अपने साहस, संघर्ष और आत्मबल से परिवार का पालन-पोषण किया। उन्होंने अपने निस्वार्थ प्रेम से समाज में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर उनके त्याग और संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा को याद किया गया। जन भारत शिक्षा स्माइल फाउंडेशन की निदेशक डॉ. जूली बनर्जी ने बताया कि समारोह में कुल 24 सुपर मॉम्स और सिंगल मदर्स को सम्मानित किया गया। जिनमें 14 सुपर मॉस्स और 10 सिंगल मॉस्स को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा, मांएं केवल परिवार ही नहीं बनाती, बल्कि वो भावनात्मक संस्कृति भी गढ़ती हैं। बच्चे जो मूल्य लेकर दुनिया में जाते हैं उसकी शुरुआत घर से ही होती है। जूली बनर्जी ने बताया कि इस अवॉर्ड के लिए सिंगल मॉम्स ने खुद आगे बढ़कर अपना नॉमिनेशन किया। उन्होंने कहा कि, अब सिंगल मॉम्स भी अपनी पहचा छिपाने के बजाए वो अपना लाइफइस्टाल बता रही हैं। अपने बारे में उन्होंने बताया कि, एक मां के रूप में उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका एक बेटा मुंबई में रहता है। दूसरा बेटा पटना में उनके साथ ही रहता है। उनके पति कंसल्टेंट सर्जन हैं। और वो खुद भी मलेसिया के लिंकन यूनिवर्सिटी मलेसिया की सुपरवाइजर है। इन सब बिजी शेड्युल के बीच भी वो अपने परिवार का देखभाल कर रही हैं। उन्हें उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और उपलब्धियों के लिए मंच पर पहचान मिली। इन माताओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी बच्चों की देखभाल कर उन्हें सही राह दिखाई। बिहार स्टेट मिल्क कोपरेटिव एसोसिएशन की मेंबर वंदना सिंह ने बताया जॉब के साथ-साथ घर में बच्चों की देखभाल करना एक बड़ा चैलेंज होता है। लेकिन, उनका ध्यान रखना मेरी जिम्मेदारी है। हर मां की यह जिम्मेदारी होती है कि, वो अपने बच्चों के साथ-साथ परिवार का भी ध्यान रखे। मैं अपनी जिम्मेदारी निभाने की पूरी कोशिश करती हूं। मैं चाहती थी मेरी बेटी मुझे एक पूर्ण इंसान के रूप में देखें। जिसकी अपनी महत्वकांक्षाएं हों, जिम्मेदारियां हों दोस्त हों विचार हों और ऐसा काम हो जिसकी उसे परवाह हो। मां बनने ने मुझे बेहतर पेशेवर बनाया और पेशवर जीवन ने मुझे बेहतर मां बनाया। कार्यक्रम में मेयर सीता साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। उनके साथ दो विशिष्ट अतिथि भी समारोह में शामिल हुए। मेयर सीता साहू ने महिलाओं के बेहतर कार्यों की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। सम्मान समारोह के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न मनोरंजन कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों ने इन कार्यक्रमों का आनंद लिया।



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