योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का मंत्रिमंडल विस्तार आज किया गया है। इसमें बुलंदशहर को फिर से मायूसी हाथ लगी है। बुलंदशहर से कोई भी विधायक मंत्रिमंडल में अपनी जगह नहीं बना पाया है, जबकि सातों विधानसभा और दोनों लोकसभा सीटों पर भाजपा लगातार काबिज है। बुलंदशहर की सातों विधानसभा सीटों पर भाजपा लगातार दूसरी बार काबिज है। 1957 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई पार्टी जिले की सभी सीटों पर लगातार दूसरी बार काबिज हुई हो। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने जिले में क्लीन स्वीप किया। 2017 में भी योगी मंत्रिमंडल में जिले को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। हालांकि 2021 में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में योगी आदित्यनाथ ने शिकारपुर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा को राज्य मंत्री बनाया था, लेकिन 2022 के मंत्रिमंडल में भी जनपद को कोई जगह नहीं मिल सकी थी। इस बार कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि शायद जिले से एक विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए अनूपशहर विधायक संजय शर्मा और सिकंदराबाद विधायक लक्ष्मीराज सिंह का भी चल रहा था, लेकिन ऐन वक्त पर कोई भी विधायक अपनी जगह मंत्रिमंडल विस्तार में नहीं बना सका।
सांसद, विधायक से लेकर पंचायत पर भाजपा काबिज बुलंदशहर में यदि देखा जाए तो जनता ने विपक्ष को कहीं स्थान नहीं दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर सभी विधायक और दोनों सांसद भाजपा के है। अधिकांश नगर पालिका अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख भी भाजपा से हैं। इसके बावजूद मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से यहां के लोगों में भी पार्टी हाईकमान के प्रति नाराजगी है।
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